पंजाब सरकार राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। कैबिनेट मंत्री Balbir Singh ने कहा कि अब नशे के खिलाफ चल रही मुहिम केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जन-आंदोलन का रूप ले रही है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें बेहतर भविष्य देना है।
युवाओं को किया जा रहा जागरूक
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्यभर में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही गांवों और मोहल्लों में विलेज डिफेंस कमेटियों (ग्राम सुरक्षा समितियों) का गठन किया गया है, ताकि समाज की भागीदारी से नशे के खिलाफ प्रभावी माहौल बनाया जा सके।
नशा छोड़ने वालों को मिलेगा रोजगार प्रशिक्षण
सरकार ने नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज करा रहे लोगों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया है। मंत्री के अनुसार, इन केंद्रों में नशा छोड़ने वाले लोगों को रोजगार से जुड़ी ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
जेलों में भी शुरू हुए नशा मुक्ति केंद्र
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि राज्य की आठ जेलों में 10-10 बिस्तरों वाले नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनका उद्देश्य नशे के आदी कैदियों और अपराधियों को उपचार, परामर्श और सुधार के जरिए समाज का जिम्मेदार नागरिक बनाकर जेल से बाहर भेजना है।
NGO भी निभाएंगे अहम भूमिका
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब में 62 गैर-सरकारी संगठन (NGO) नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग करने के लिए आगे आए हैं। सरकार का मानना है कि प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों की साझेदारी से ही नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
