पंजाब विधानसभा में बाढ़ के हालात पर चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सभी विधायकों और जनता से अपील की कि इस मुश्किल घड़ी में सबको मुख्यमंत्री भगवंत मान का साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम सब मिलकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाएंगे, तभी पंजाब को उसका हक मिल सकेगा।
“ऑपरेशन सिंदूर” का उदाहरण
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि जिस तरह ऑपरेशन सिंदूर के समय पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा था, उसी तरह अब बाढ़ के मसले पर सबको मुख्यमंत्री मान का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को भी राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा।
राहत और बचाव कार्य
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि जैसे ही बाढ़ का खतरा बढ़ा, उसी दिन से टीमें सक्रिय हो गई थीं। अब तक 4,740 राहत कैंप लगाए जा चुके हैं और हजारों लोगों का इलाज किया गया है। उन्होंने बताया कि रावी नदी पार बसे गांवों से 9 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी सुरक्षित डिलीवरी करवाई गई।
फ्रंटलाइन वर्कर्स की तारीफ
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस संकट में आशा वर्कर्स, डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्य कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। कई बार उन्हें नावों से लोगों तक पहुंचना पड़ा। आशा वर्कर्स ने घर-घर जाकर मदद की और पूरे गांवों में कीटनाशक का छिड़काव किया ताकि डेंगू और अन्य बीमारियों का खतरा न फैल सके।
बाढ़ – एक वैश्विक समस्या
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बाढ़ केवल पंजाब की समस्या नहीं है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी भारी तबाही हुई है। यह एक वैश्विक मुद्दा है, जिसका सामना हमें मिलकर करना होगा।
विपक्ष पर निशाना
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मान का “रंगला पंजाब मिशन” राज्य को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, लेकिन विपक्ष इसे भी गलत ठहराने की कोशिश कर रहा है। डॉ. बलबीर सिंह ने दोहराया कि इस समय सबसे बड़ी ज़रूरत है कि सब मिलकर पंजाब को इस संकट से उबारने में योगदान दें।
