मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। हफ्ते के एक्सपायरी दिन बाजार दबाव में रहा और निफ्टी दिन के निचले स्तर के आसपास बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिसका असर पूरे बाजार पर साफ दिखाई दिया।
सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद
बीएसई सेंसेक्स 533.50 अंकों यानी 0.63 फीसदी की गिरावट के साथ 84,679.86 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से सिर्फ 7 शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि 23 शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। वहीं एनएसई निफ्टी 167.20 अंक यानी 0.64 फीसदी टूटकर 25,860.10 के स्तर पर बंद हुआ।
सभी सेक्टरों में बिकवाली का दबाव
आज के कारोबार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में नजर आए। रियल्टी, मेटल और प्राइवेट बैंक सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने जोखिम से बचने की रणनीति अपनाई, जिससे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव बना रहा।
इन शेयरों को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
सेंसेक्स की कंपनियों में ईटर्नल, एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक, इंफोसिस, टाटा स्टील और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। आईटी और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी ने बाजार की गिरावट को और गहरा किया।
कुछ शेयरों ने दिखाई मजबूती
गिरावट भरे बाजार में भी कुछ शेयर ऐसे रहे जिन्होंने निवेशकों को राहत दी। भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और टाइटन के शेयर लाभ के साथ बंद हुए। हालांकि इनकी तेजी भी बाजार की समग्र गिरावट को संभाल नहीं सकी।
वैश्विक बाजारों से भी नहीं मिला सहारा
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए। इससे पहले अमेरिकी बाजार भी नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
कच्चे तेल में गिरावट, फिर भी बाजार कमजोर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.54 फीसदी गिरकर 60.23 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि कच्चे तेल में गिरावट आमतौर पर भारत के लिए सकारात्मक मानी जाती है, लेकिन कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते इसका फायदा बाजार को नहीं मिल पाया।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को शुद्ध रूप से 1,468.32 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,792.25 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की। इसके बावजूद बाजार पर विदेशी बिकवाली का असर हावी रहा।
आगे कैसी रहेगी बाजार की चाल?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत नहीं मिलते और विदेशी निवेशकों की बिकवाली नहीं रुकती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
