पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धुरी से ‘मावां धीयां सम्मान योजना’ की शुरुआत करते हुए इसे राज्य की माताओं और बेटियों के सम्मान तथा आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह योजना पूरी तैयारी और दीर्घकालिक सोच के साथ शुरू की है, ताकि इसका लाभ लगातार महिलाओं तक पहुंचता रहे।
खातों में पहुंची तीन महीने की राशि
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह और अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह सम्मान भत्ता दिया जा रहा है। योजना की शुरुआत के साथ ही जुलाई, अगस्त और सितंबर की कुल राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेज दी गई। कार्यक्रम के दौरान ही कई महिलाओं के मोबाइल पर राशि जमा होने के संदेश भी पहुंच गए, जिससे कार्यक्रम में खुशी का माहौल बन गया।
गरीब परिवारों के लिए बड़ा सहारा
भगवंत मान ने कहा कि यह सम्मान राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि माताओं और बेटियों के सम्मान का प्रतीक है। उनके अनुसार, यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ा सहारा बनेगी और महिलाओं को अपनी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
वादे को निभाने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘मावां धीयां सम्मान योजना’ से लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा और यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
