शहर की सड़कों पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। सड़क हादसों पर लगाम लगाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने ड्रंक ड्राइविंग चेकपॉइंट्स की संख्या दोबारा बढ़ा दी है। नए और रिपेयर किए गए ब्रेथलाइज़र मिलने के बाद अब शहर में फिर से पहले की तरह चार चेकपॉइंट्स लगाए जा रहे हैं।
पुलिस विभाग के मुताबिक, नियमित तौर पर हर हफ्ते बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को ड्रंक ड्राइविंग के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाता है। इन दिनों शहर के अलग-अलग इलाकों में चार चेकपॉइंट्स लगाए जाते हैं, जिनकी निगरानी एसीपी रैंक के अधिकारी करते हैं। हालांकि, हाल ही में विभाग के दो ब्रेथलाइज़र खराब हो जाने के कारण चेकपॉइंट्स की संख्या घटकर आधी रह गई थी। अब नए उपकरण मिलने से यह समस्या दूर हो गई है और अभियान फिर पूरी ताकत से शुरू कर दिया गया है।
पिछले सप्ताह ही पुलिस ने शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामलों में करीब 130 चालान काटे हैं। चेकपॉइंट्स पर वाहनों को रोककर ड्राइवरों का ब्रेथलाइज़र से अल्कोहल टेस्ट किया जाता है। यदि टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो मौके पर ही चालान काट दिया जाता है। ड्रंक ड्राइविंग में पकड़े जाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इसके साथ ही, संबंधित चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित करने का भी प्रावधान है। ऐसे मामलों की सूची आगे की कार्रवाई के लिए आरटीओ विभाग को भेजी जाती है।
पुलिस का कहना है कि हर चेकिंग दिन चेकपॉइंट्स की लोकेशन बदली जाती है, ताकि शहर के ज्यादा से ज्यादा इलाकों को कवर किया जा सके और लोग किसी एक तय जगह से बचकर नियम तोड़ने की कोशिश न करें। इससे ड्राइवरों में डर बना रहता है और वे नियमों का पालन करने के लिए मजबूर होते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे शराब पीकर वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें। उनका कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने और सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए की जा रही है। आने वाले दिनों में भी यह अभियान इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा।
