पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ चल रहे ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। Punjab Police के इस विशेष अभियान के शुरू होने के करीब तीन महीने बाद राज्य में गैंगस्टर से जुड़े अपराधों में तेजी से कमी आई है। इससे लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ा है।
हत्याओं और गोलीबारी में बड़ी गिरावट
पुलिस आंकड़ों के अनुसार, गैंगस्टरों से जुड़ी हत्याओं में 100 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी में जहां ऐसे 4 मामले सामने आए थे, वहीं मार्च में यह संख्या घटकर शून्य हो गई।
गोलीबारी की घटनाओं में भी भारी कमी आई है। जनवरी में दर्ज 29 मामलों की तुलना में 20 अप्रैल तक यह संख्या घटकर सिर्फ 9 रह गई, जो करीब 69 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है। यह गिरावट पुलिस की सख्त कार्रवाई का नतीजा मानी जा रही है।
फिरौती के मामलों में भी कमी
गैंगस्टर नेटवर्क के लिए फिरौती एक बड़ा आय स्रोत होता है, लेकिन इसमें भी कमी देखने को मिली है। जनवरी में 110 मामलों के मुकाबले मार्च में यह संख्या घटकर 98 रह गई। आंकड़ों के अनुसार, फिरौती के मामलों में लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
DGP Gaurav Yadav का बयान
पंजाब के डीजीपी Gaurav Yadav ने कहा कि इस अभियान ने अपराध पर काबू पाने के साथ-साथ जनता का विश्वास जीतने में भी मदद की है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ शुरुआत है और पुलिस गैंगस्टरों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार काम कर रही है।
पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई
उन्होंने यह भी कहा कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान केवल बड़े गैंगस्टरों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को निशाना बना रहा है। पुलिस उन लोगों पर भी कार्रवाई कर रही है जो इन गैंगस्टरों को समर्थन देते हैं। इससे अपराध सिंडिकेट को कमजोर किया जा रहा है।
पूरे राज्य में असर
इस अभियान का असर सिर्फ बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में भी अपराध में कमी आई है। खासकर हिंसक अपराध जैसे हत्या और गोलीबारी में आई गिरावट से यह साफ है कि कानून व्यवस्था मजबूत हुई है।
हेल्पलाइन से मिल रहा सहयोग
पुलिस ने एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 भी शुरू की है, जिससे लोग गुमनाम रूप से जानकारी दे सकते हैं। इस पहल के बाद ज्यादा नागरिक रंगदारी और अपराध से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं, जिससे पुलिस को कार्रवाई में मदद मिल रही है।
