बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 532 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 181 अंक नीचे रहा। बाजार में कमजोरी का असर देश की बड़ी कंपनियों पर भी पड़ा और सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से सात के बाजार पूंजीकरण में भारी गिरावट दर्ज की गई।
रिलायंस निवेशकों को सबसे बड़ा झटका
मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। कंपनी का बाजार मूल्य करीब 39,718 करोड़ रुपये घटकर 17.47 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसका सीधा असर निवेशकों पर पड़ा, जिन्हें सिर्फ पांच कारोबारी दिनों में भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसके बावजूद रिलायंस देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है।
TCS समेत कई दिग्गज कंपनियां भी फिसलीं
टाटा समूह की आईटी कंपनी टीसीएस भी नुकसान झेलने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रही। कंपनी की मार्केट वैल्यू 20,135 करोड़ रुपये घटकर 7.95 लाख करोड़ रुपये रह गई। इसके अलावा भारती एयरटेल को 18,736 करोड़ रुपये, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को 16,880 करोड़ रुपये और एलआईसी को 14,611 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बजाज फाइनेंस और हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार मूल्य में भी गिरावट दर्ज की गई।
कुल 1.25 लाख करोड़ रुपये की कमी
सेंसेक्स की सात बड़ी कंपनियों के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक संकेतों, निवेशकों की सतर्कता और कुछ क्षेत्रों में मुनाफावसूली के कारण बाजार दबाव में रहा। इसका असर बड़े शेयरों पर सबसे अधिक दिखाई दिया।
SBI, ICICI और HDFC बैंक ने दी राहत
जहां कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, वहीं कुछ कंपनियों ने निवेशकों को फायदा भी पहुंचाया। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI का मार्केट कैप 12,692 करोड़ रुपये बढ़कर 9.02 लाख करोड़ रुपये हो गया। ICICI बैंक का बाजार मूल्य 4,485 करोड़ रुपये बढ़ा, जबकि HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू में 4,101 करोड़ रुपये का इजाफा दर्ज किया गया।
मार्केट कैप के हिसाब से कंपनियों की रैंकिंग
बाजार में गिरावट के बावजूद मार्केट कैप के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर बनी हुई है। इसके बाद HDFC बैंक, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, SBI, TCS, बजाज फाइनेंस, L&T, LIC और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। निवेशकों की नजर अब आने वाले कारोबारी सप्ताह और बाजार के नए संकेतों पर टिकी हुई है।
