पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना में राज्य की नई औद्योगिक और व्यापारिक विकास नीति 2026 की शुरुआत की। इस नीति का मुख्य उद्देश्य पंजाब में कारोबार को आसान बनाना और निवेशकों को पारदर्शी तथा अनुकूल माहौल प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि उद्योगपतियों को बिना किसी परेशानी के राज्य में निवेश और व्यापार करने का अवसर मिले।
उद्योगपतियों के सुझावों से तैयार नीति
सरकार के अनुसार यह नई नीति उद्योगपतियों और व्यापारियों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसके तहत निवेशकों को कई तरह की सुविधाएं और रियायतें दी जाएंगी।
नई नीति में पूंजी सब्सिडी, बिजली ड्यूटी में राहत, स्टेट जीएसटी रिफंड और स्टांप ड्यूटी में छूट जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं, जिससे उद्योगों को आर्थिक रूप से मदद मिलेगी।
उभरते क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता
औद्योगिक विकास नीति 2026 में भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी गई है। इनमें आईटी, इलेक्ट्रिक वाहन, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर और रिसर्च एवं डेवलपमेंट जैसे सेक्टर शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से पंजाब नई अर्थव्यवस्था के साथ तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य में अधिक से अधिक निवेश लाना, उद्योगों को मजबूत करना और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
उन्होंने कहा कि सरकार और कारोबारियों के सहयोग से ही पंजाब का विकास संभव है। इस नई नीति से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
