पंजाब के आईटी परिदृश्य में अब एक नई सुबह उगने वाली है। मोहाली की धरती पर जल्द ही इंफोसिस का 300 करोड़ रुपये का अत्याधुनिक कैंपस खड़ा होगा। यह सिर्फ एक कार्यालय नहीं, बल्कि पंजाब के युवाओं के लिए सुनहरे अवसरों का एक केंद्र होगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य के लिए एक बड़ी पेशकश है।
एक नई आईटी सिटी का निर्माण
मोहाली की आईटी सिटी में बने इस 30 एकड़ वाले कैंपस में दो चरणों में निर्माण होगा। पहले चरण में 3 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ काम शुरू होगा। इसके बाद दूसरा चरण 4.8 लाख वर्ग फुट का और विस्तार करेगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर लगभग 2,500 से 2,700 नौकरियां सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत तकनीकी क्षेत्रों में उपलब्ध होंगी।
युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
इंफोसिस का यह कैंपस राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से निकले युवाओं के लिए घर के पास ही बड़े सपनों को पूरा करने का मौका देगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय प्रतिभाओं को प्राथमिकता मिलेगी और प्रशिक्षण व कौशल विकास प्रोग्राम के जरिए युवाओं को नई तकनीकों में दक्ष बनाया जाएगा।
अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा
इस निवेश से सिर्फ नौकरियां ही नहीं बढ़ेंगी, बल्कि मोहाली और पंजाब की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। कर्मचारियों की सैलरी, जीएसटी और स्थानीय खर्चों से होटल, किराए के मकान, दुकानों और वेंडर्स को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह परियोजना राज्य की जीडीपी में भी महत्वपूर्ण योगदान करेगी और पंजाब को उत्तर भारत का प्रमुख आईटी हब बनाने में मदद करेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विकास
इंफोसिस कैंपस के लिए पंजाब सरकार और GMADA नई सड़कें, बिजली सब-स्टेशन और आधुनिक सुविधाएं विकसित कर रहे हैं। ये सुधार न केवल कैंपस बल्कि पूरे मोहाली क्षेत्र को सुविधाजनक और स्मार्ट बनाएंगे।
एक नई राह की शुरुआत
5 नवंबर 2025 को गुरुपुरब के शुभ अवसर पर इस परियोजना का शुभारंभ होगा। यह कदम पंजाब के लिए केवल निवेश का प्रतीक नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और राज्य की हरित अर्थव्यवस्था के लिए एक नया अध्याय है। मोहाली अब केवल पंजाब का नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत का आईटी केंद्र बनने की राह पर तेजी से बढ़ रहा है।
