पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा कि श्री आनंदपुर साहिब की ओर जाने वाली सभी सड़कों को नवंबर के मध्य तक पूरी तरह अपग्रेड और कार्यशील बना दिया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस से जुड़े ऐतिहासिक समारोहों में पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और वे सुरक्षित व सुगम यात्रा कर सकें।
इन तैयारियों की समीक्षा के लिए श्री बैंस ने पंजाब सिविल सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें रूपनगर जिले के अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में मंत्री ने खास तौर पर सड़क ढांचे की गुणवत्ता और समय पर सभी जरूरी सुविधाओं को सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
श्री बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का लक्ष्य है कि श्री आनंदपुर साहिब, जो सिख इतिहास का पवित्र स्थल है, वहां तक निर्बाध संपर्क व्यवस्था हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आने वाली देश-विदेश की संगतों के लिए सड़कें चौड़ी, साफ-सुथरी और पूरी तरह सुरक्षित बनाई जाएं।
मंत्री ने बताया कि सरकार सिर्फ सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्ट्रीट लाइटें, पर्याप्त सफाई व्यवस्था, पीने के पानी की सुविधा और सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा, मुख्य मार्गों और पार्किंग क्षेत्रों में उचित साइन बोर्ड, लाइटिंग और चिकित्सीय सुविधाएं भी लगाई जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
श्रद्धालुओं के अनुभव को और आकर्षक व भावनात्मक बनाने के लिए श्री बैंस ने निर्देश दिए कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और शिक्षाओं को दर्शाने वाली एलईडी स्क्रीनें प्रमुख स्थलों पर लगाई जाएं। इन स्क्रीन पर गुरु साहिब के जीवन, उनके बलिदान और श्री आनंदपुर साहिब के धार्मिक महत्व को दिखाया जाएगा, जिससे संगतों को प्रेरणा मिलेगी।
बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि सभी विभाग जैसे लोक निर्माण विभाग, स्थानीय निकाय, पर्यटन, स्वास्थ्य, पुलिस और बिजली विभाग आपसी समन्वय के साथ मिलकर काम करें। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि सभी प्रबंध तय समय सीमा से पहले पूरे किए जाएं, ताकि आयोजन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
श्री बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार की यह पूरी कोशिश है कि इस ऐतिहासिक आयोजन को यादगार, सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से प्रेरणादायक अनुभव बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सफाई और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिनमें अतिरिक्त उपायुक्त पूजा सियाल, एसडीएम जसप्रीत सिंह, आरटीआई गुरविंदर सिंह जौहल, बीबीएमबी के मुख्य इंजीनियर सी.पी. सिंह, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर हरजोत वालिया, हरजीत सिंह और एस.एस. भुल्लर सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल थे।
पंजाब सरकार की यह पहल दर्शाती है कि राज्य प्रशासन न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए भी पूरी तरह समर्पित है।
