पंजाब सरकार राज्य की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को समय पर नहर का पानी उपलब्ध कराया जाए, जिससे खेती की लागत कम हो और भूजल पर निर्भरता घटे। इसी दिशा में जल संसाधन विभाग द्वारा कई नई सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
कंडी नहर प्रणाली के तहत नई परियोजनाओं का शुभारंभ
जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कंडी नहर प्रणाली (कंडी कैनाल सिस्टम) के तहत कई सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं के पूरा होने से होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर जिलों के लगभग 450 गांवों को लाभ मिलेगा। सरकार के अनुसार, इससे करीब 1.35 लाख एकड़ कृषि भूमि तक नहर का पानी पहुंच सकेगा और किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।
टेल-एंड तक पहुंचेगा नहर का पानी
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी, जिससे नहरों के अंतिम छोर (टेल-एंड) पर स्थित खेतों तक भी 100 प्रतिशत नहर का पानी पहुंचे। इसके लिए नहरों के आधुनिकीकरण, मरम्मत और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसी भी किसान को सिंचाई के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
भूजल पर निर्भरता हो रही कम
सरकार के मुताबिक, मौजूदा कार्यकाल में नहर के पानी के उपयोग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां केवल 22 प्रतिशत नहर जल का उपयोग हो रहा था, वहीं अब यह बढ़कर 86 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इससे भूजल के अत्यधिक दोहन में कमी आएगी, जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को पूरे वर्ष सिंचाई के लिए अधिक भरोसेमंद जल स्रोत उपलब्ध हो सकेगा।
