इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार रात गाजा पट्टी में जारी सैन्य अभियान को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। इज़राइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फैसला अंतरराष्ट्रीय दबाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकारी स्वामित्व वाले क़ान टीवी न्यूज़ ने जानकारी दी कि नेतन्याहू ने रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर इस पर विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया।
तीन क्षेत्रों में अस्थायी रूप से बंद होंगी सैन्य कार्रवाईयां
इज़राइली सेना ने रविवार को बयान जारी करते हुए कहा कि गाजा के तीन क्षेत्रों—मुवासी, दीर अल-बलाह और गाजा सिटी—में अस्थायी युद्धविराम लागू रहेगा। सेना के अनुसार, यह युद्धविराम रोज़ाना सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगा और अगले आदेश तक जारी रहेगा। इस निर्णय का उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को मानवीय सहायता पहुँचाने की प्रक्रिया को सुरक्षित और आसान बनाना है।
मानवीय सहायता के लिए हवाई आपूर्ति फिर शुरू
फिलिस्तीनी सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार शाम से उत्तरी गाजा के कुछ क्षेत्रों में हवाई सहायता आपूर्ति दोबारा शुरू हो चुकी है। इससे पहले इज़राइली सेना ने बयान दिया था कि देर रात से गाजा में मानवीय सहायता की डिलीवरी फिर से शुरू की जाएगी। इसमें भोजन, दवाइयाँ और अन्य जरूरी सामग्री शामिल है, जो हवाई मार्ग से पहुंचाई जा रही हैं।
सुरक्षित रास्ते तैयार करने की भी घोषणा
इज़राइली रक्षा बलों ने यह भी कहा है कि वे अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों की मदद से गाजा में सुरक्षित कॉरिडोर बनाएंगे, ताकि मानवीय सहायता जरूरतमंद लोगों तक आसानी से पहुंच सके। यह निर्णय गाजा में बिगड़ती मानवीय स्थिति को देखते हुए लिया गया है, जहां भोजन, दवाइयों और पानी की भारी कमी बताई जा रही है।
भुखमरी की चेतावनी के बीच आया यह निर्णय
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब कई मानवीय संगठनों ने गाजा में भुखमरी और मानवीय त्रासदी की गंभीर चेतावनी दी थी। मार्च में इज़राइल द्वारा गाजा की सभी सीमाएं बंद करने के बाद से राहत सामग्री की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई थी। अब उम्मीद की जा रही है कि युद्धविराम और राहत आपूर्ति से वहां की स्थिति में कुछ सुधार हो सकेगा।
गाजा में इज़राइली सैन्य कार्रवाई के बीच यह अस्थायी युद्धविराम एक मानवीय पहलू से अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि यह स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन फिलहाल भूख और पीड़ा से जूझ रहे लोगों के लिए यह एक राहत भरी सांस जरूर है।
