पंजाब सरकार ने राज्य के युवाओं को रोजगार योग्य बनाने और तकनीकी शिक्षा को और मज़बूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। तकनीकी शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी कि अब पंजाब के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में सीटों की संख्या 35,000 से बढ़ाकर 52,000 कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से युवाओं को आधुनिक कौशल मिलेगा और उन्हें उद्योग जगत में बेहतर रोजगार के अवसर हासिल होंगे।
साल-दर-साल बढ़ती सीटें
मंत्री ने बताया कि पंजाब में आईटीआई की सीटों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। वर्ष 2023 में यह संख्या 25,000 थी, अगले साल इसे 35,000 किया गया और अब इसे बढ़ाकर 52,000 कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी लगभग 50 प्रतिशत की है, जो राज्य में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव दर्शाती है।
814 नए ट्रेड की शुरुआत
सीटों के विस्तार के साथ-साथ सरकार ने 814 नए ट्रेड (कोर्स) भी शुरू किए हैं। इन ट्रेडों को उद्योग जगत की ज़रूरतों और बाज़ार की मांग को देखते हुए तैयार किया गया है। इन्हें औद्योगिक प्रबंधन समितियों (IMCs), पंजाब विकास आयोग और उद्योग क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की सलाह लेकर डिज़ाइन किया गया है। उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी सिर्फ डिग्री लेकर न निकलें, बल्कि उनके पास ऐसा कौशल हो जिसे उद्योग सीधे अपना सके।
युवाओं के लिए नए अवसर
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि नए कोर्स आधुनिक तकनीक, डिजिटल स्किल्स और बाज़ार की ताज़ा ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं। इससे विद्यार्थी कठिन प्रतिस्पर्धा वाले माहौल में भी आत्मविश्वास के साथ नौकरी पा सकेंगे। साथ ही, जो युवा अपना खुद का काम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए भी ये प्रशिक्षण एक मज़बूत नींव साबित होंगे।
कौशल और उद्योग के बीच की खाई पाटने की पहल
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का यह कदम कौशल और उद्योग की मांग के बीच की खाई को पाटने की दिशा में अहम साबित होगा। अब तक युवाओं को पढ़ाई के बाद नौकरी पाने के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण की ज़रूरत पड़ती थी, लेकिन अब आईटीआई में ही उन्हें वह सब सिखाया जाएगा जिसकी मांग कंपनियां करती हैं।
मुख्यमंत्री की पहल
हरजोत सिंह बैंस ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार तकनीकी शिक्षा को नए स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार चाहती है कि पंजाब के विद्यार्थी किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पीछे न रहें। इसी मकसद से विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और अत्याधुनिक कौशल उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
शिक्षा और अर्थव्यवस्था पर असर
आईटीआई सीटों में यह विस्तार न सिर्फ शिक्षा क्षेत्र को मज़बूत करेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर डालेगा। हुनरमंद युवा उद्योगों में काम करके उत्पादन बढ़ाएंगे, साथ ही स्वरोज़गार की दिशा में भी कदम बढ़ा सकेंगे।
पंजाब सरकार का यह फैसला युवाओं के करियर को नई दिशा देने वाला है। सीटों में बढ़ोतरी और नए ट्रेडों की शुरुआत से लाखों विद्यार्थियों को मौका मिलेगा कि वे अपने सपनों को साकार करें और आत्मनिर्भर बनें। यह पहल तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
