वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार ने सभी जरूरी फॉर्म पहले ही जारी कर दिए हैं। ऐसे में टैक्सपेयर्स को सलाह दी जा रही है कि रिटर्न भरते समय पूरी सावधानी बरतें, क्योंकि अब नियम पहले से ज्यादा सख्त हो चुके हैं।
अलग-अलग टैक्सपेयर्स के लिए डेडलाइन
वेतनभोगी कर्मचारी और पेंशनर्स, जिनके खातों का ऑडिट नहीं होता, उनके लिए ITR भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई तय की गई है। वहीं छोटे कारोबारी और प्रोफेशनल्स के लिए यह तारीख 31 अगस्त है। जिन लोगों के खातों का ऑडिट जरूरी है, उनके लिए अंतिम तारीख 31 अक्टूबर रखी गई है।
गलती करने पर कड़ी सजा का प्रावधान
अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर अपनी आय छिपाता है या गलत जानकारी देकर टैक्स बचाने की कोशिश करता है, तो उस पर भारी कार्रवाई हो सकती है। ऐसे मामलों में बकाया टैक्स का 200% तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, आयकर कानून की धारा के तहत दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की जेल भी हो सकती है।
अनजाने में गलती पर भी जुर्माना
अगर कोई गलती जानबूझकर नहीं बल्कि अनजाने में होती है, तब भी टैक्स विभाग कार्रवाई कर सकता है। ऐसे मामलों में लगभग 50% तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसलिए हर जानकारी सही और पूरी देना बेहद जरूरी है।
किन गलतियों को माना जाता है गंभीर अपराध
ITR भरते समय कुछ गलतियां गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं। जैसे—
- आय छिपाना, खासकर विदेशी खाते या शेयर बाजार से कमाई
- फर्जी कटौती दिखाना, जैसे गलत HRA या नकली दान रसीद
- दस्तावेजों में हेरफेर करना
- बार-बार नियमों का उल्लंघन करना
इन मामलों में टैक्स विभाग सख्त जांच कर सकता है और कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर सकता है।
सरकार क्यों सख्त हुई
सरकार ने टैक्स चोरी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नियमों को सख्त किया है। अब टैक्स विभाग के पास एडवांस डेटा और सिस्टम है, जिससे आय छिपाना आसान नहीं रहा। इसलिए हर टैक्सपेयर को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी सभी आय स्रोतों की सही जानकारी दें और किसी भी तरह की चालाकी से बचें।
समय पर और सही जानकारी देना जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार ITR भरते समय सभी दस्तावेजों को ध्यान से जांचना चाहिए। बैंक ब्याज, फ्रीलांस इनकम, किराया या शेयर बाजार से कमाई जैसी हर आय को शामिल करना जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी भारी नुकसान का कारण बन सकती है।
