पंजाब में औद्योगिक विकास एक बार फिर तेज़ रफ्तार पकड़ रहा है। राज्य सरकार की नई नीतियों, निवेश-अनुकूल माहौल और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते पंजाब देश के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में उभर रहा है। खासतौर पर लुधियाना और मोहाली निवेश के बड़े केंद्र बनकर सामने आए हैं।
पिछले कुछ वर्षों में पंजाब सरकार ने उद्योगों को आकर्षित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक राज्य में करीब ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित किया गया, जिससे 5 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। सिर्फ एक साल में ही लगभग ₹57,000 करोड़ का वास्तविक निवेश जमीन पर उतरा, जो राज्य की औद्योगिक गति को दर्शाता है।
मोहाली इस निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। 2026 में आयोजित प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट में राज्य को ₹1.58 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, जिसमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर शामिल हैं। इसी दौरान कई कंपनियों ने बड़े निवेश की घोषणा की, जैसे नाहर ग्रुप ने ₹1,500 करोड़ का निवेश मोहाली में टेक्सटाइल, रिन्यूएबल एनर्जी और डेटा सेंटर के लिए घोषित किया।
वहीं लुधियाना, जिसे “भारत का मैनचेस्टर” कहा जाता है, पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग सेक्टर में यहां लगातार विस्तार हो रहा है। नई औद्योगिक नीति 2026 के तहत सरकार ने ₹75,000 करोड़ निवेश का लक्ष्य रखा है, जिसमें लुधियाना की अहम भूमिका है।
पंजाब सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए हैं। ‘राइट टू बिजनेस एक्ट’ में बदलाव कर 5 से 45 दिनों में उद्योग शुरू करने की सुविधा दी गई है, साथ ही ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ के जरिए 170 से ज्यादा सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और ऑटो सेक्टर सहित 9 प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान कर निवेश को दिशा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा विदेश दौरों और निवेश रोडशो के जरिए भी पंजाब को ग्लोबल स्तर पर प्रमोट किया जा रहा है, जिससे विदेशी निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं।
कुल मिलाकर, नीति सुधार, तेज़ मंजूरी प्रक्रिया और मजबूत औद्योगिक ढांचे के कारण पंजाब में निवेश का माहौल लगातार बेहतर हो रहा है। लुधियाना और मोहाली इस बदलाव के केंद्र में हैं और आने वाले समय में ये शहर पंजाब की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
