बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन की रणनीति तेज़ हो गई है। तेजस्वी यादव ने एक अहम घोषणा की है कि इस बार राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी। हालांकि, AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) को इस गठबंधन में शामिल नहीं किया जाएगा।
तेजस्वी यादव ने यह ऐलान रामविलास पासवान की जयंती के अवसर पर किया। वे इस मौके पर पशुपति कुमार पारस के आवास पर पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की और फिर यह राजनीतिक घोषणा की।
तेजस्वी यादव का कहना है कि अब समय आ गया है जब सभी समान विचारधारा वाली पार्टियां एकजुट होकर एनडीए और भाजपा को हराने के लिए एक मंच पर आएं। RLJP के साथ आने से गठबंधन को पासवान वोट बैंक का फायदा मिल सकता है।
AIMIM को गठबंधन से बाहर रखने के फ़ैसले को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया, लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मुस्लिम वोटों के बँटवारे की आशंका इसकी एक बड़ी वजह हो सकती है।
इस घोषणा के बाद बिहार में महागठबंधन और भी मजबूत होता नजर आ रहा है, और इसका सीधा असर आगामी चुनावी मुकाबले पर पड़ सकता है।
