पिछले चार दशकों से उपेक्षित कंडी क्षेत्र के लिए मान सरकार के कार्यकाल में एक बड़ा और राहत भरा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से सूखे और पानी की कमी से जूझ रहे इस इलाके के 433 गांवों में एक बार फिर नहर का पानी पहुंचाया गया है। इससे किसानों और ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है।
नहर नेटवर्क का हुआ पुनर्निर्माण
सरकार ने कंडी नहर नेटवर्क को पूरी तरह से नया रूप दिया है। वर्षों से खराब पड़े ढांचे, टूटे चैनलों और पानी के रिसाव जैसी समस्याओं को दूर किया गया। मरम्मत और सुधार के बाद अब नहरों में पानी नियमित रूप से बह रहा है, जिससे इलाके की सिंचाई व्यवस्था मजबूत हुई है।
1.25 लाख एकड़ जमीन को मिला पानी
इस योजना का सीधा लाभ करीब 1.25 लाख एकड़ कृषि भूमि को मिला है। कंडी, पहाड़ी और सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसान अब बेहतर तरीके से खेती कर पा रहे हैं। जहां पहले फसल उगाना मुश्किल होता था, वहां अब खेतों में हरियाली लौटने लगी है।
किसानों की निर्भरता घटी
अब तक यहां के किसान बारिश या महंगे टैंकरों के सहारे खेती करने को मजबूर थे। पानी की अनिश्चितता के कारण फसलें अक्सर खराब हो जाती थीं। लेकिन नहर का पानी मिलने से अब उन्हें नियमित और भरोसेमंद सिंचाई सुविधा मिल रही है, जिससे खेती की लागत भी कम हुई है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
नहर का पानी लौटने से सिर्फ खेती ही नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण इलाके की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। बेहतर पैदावार से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
