पंजाब इन दिनों लगातार हो रही बारिश और बाढ़ की मार झेल रहा है। राज्य के कई ज़िलों में नदियाँ उफान पर हैं और गाँवों के बड़े हिस्से में पानी भर चुका है। मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। आइए जानते हैं, आज पंजाब के प्रमुख शहरों का मौसम कैसा रहा और हालात क्या संकेत दे रहे हैं।
चंडीगढ़ और ट्राइसिटी
राजधानी क्षेत्र चंडीगढ़, मोहाली और पंचकुला में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। यहाँ लगभग 35 मिमी से ज्यादा पानी बरसा है। इससे सड़कों पर जगह-जगह जलभराव हुआ और लोगों को आवाजाही में दिक्कतें आईं। मौसम विभाग ने अगले पाँच दिनों तक बादल छाए रहने और बीच-बीच में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। दिन का तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 23–24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
लुधियाना
पंजाब का औद्योगिक केंद्र लुधियाना भी लगातार बारिश से प्रभावित है। शहर और आसपास के इलाकों में मौसम नम और उमस भरा बना हुआ है। बारिश से कृषि क्षेत्र पर दबाव बढ़ा है। किसानों को डर है कि फसलों में ज्यादा नमी से नुकसान हो सकता है। आने वाले दो दिनों तक यहाँ हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने हुए हैं।
अमृतसर
उत्तर-पश्चिमी पंजाब के अमृतसर जिले में भी बादल छाए रहे और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने यहाँ भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बाढ़ की स्थिति
लगातार बारिश से पंजाब के कई ज़िले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। अब तक करीब हज़ार से ज्यादा गाँव जलमग्न हो चुके हैं। अनुमान है कि लगभग 3 लाख एकड़ खेतीयोग्य ज़मीन बाढ़ के पानी में डूब गई है। इससे किसानों की मेहनत पर गहरी चोट पहुँची है। धान और कपास जैसी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं।
राज्य सरकार ने राहत कार्यों के लिए टीमें भेजी हैं। लुधियाना से बाढ़ प्रभावित गाँवों के लिए पशुओं का चारा भेजा गया है, जबकि पठानकोट और फाज़िल्का जैसे ज़िलों में राशन किट और ज़रूरी सामान पहुँचाया जा रहा है। आम आदमी पार्टी की युवा और महिला इकाइयाँ भी राहत वितरण में सक्रिय हैं।
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग का कहना है कि सितंबर के पहले हफ्ते तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। खासकर उत्तरी और पश्चिमी पंजाब के ज़िलों में गरज-चमक के साथ तेज़ बारिश होने की आशंका है। किसानों और ग्रामीणों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
पंजाब में इस बार मानसून सामान्य से कहीं अधिक सक्रिय रहा है। बारिश ने जहाँ मौसम को सुहावना बनाया है, वहीं बाढ़ और जलभराव ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ाई हैं। सरकार और स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन असली चिंता किसानों को है, क्योंकि फसलों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। आने वाले कुछ दिन पंजाब के लिए बेहद अहम होंगे।
