सुप्रीम कोर्ट ने राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को एक बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि वह पटना हाई कोर्ट के आदेश में कोई दखल नहीं देगा। इसका सीधा मतलब यह है कि जमीन के बदले नौकरी घोटाले में लालू यादव के खिलाफ निचली अदालत में चल रही सुनवाई अब जारी रहेगी।
लालू यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर इस मामले में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने और FIR व चार्जशीट रद्द करने की मांग की थी। इससे पहले पटना हाई कोर्ट ने 29 मई 2025 को उनके खिलाफ चल रही निचली अदालत की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी याचिका पर नोटिस जारी करते हुए 12 अगस्त को सुनवाई तय की है। लालू यादव ने इसी अंतरिम आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए इसमें हस्तक्षेप करने से साफ मना कर दिया। इसका असर यह होगा कि लालू यादव को निचली अदालत की प्रक्रिया का सामना करना होगा, जब तक हाई कोर्ट इस मामले पर अंतिम निर्णय नहीं देता।
क्या है जमीन के बदले नौकरी घोटाला?
यह विवादास्पद मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर और चार्जशीट के मुताबिक, लालू यादव पर आरोप है कि रेलवे में ग्रुप डी की भर्तियों के बदले उम्मीदवारों से कीमती जमीनें ली गईं। ये संपत्तियां कथित तौर पर लालू यादव के परिवार या उनके करीबियों के नाम पर ट्रांसफर की गईं।
सीबीआई की जांच के अनुसार, उम्मीदवारों को बिना किसी विज्ञापन, परीक्षा या मेरिट के सीधे नौकरी दी गई और इसके एवज में जमीन के सौदे किए गए। ये सभी सौदे कथित रूप से औने-पौने दामों पर हुए।
जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि इस तरह के लेन-देन से लालू परिवार को सीधा फायदा पहुंचा। इस मामले में ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग का पहलू देख रही है और लालू परिवार की कई संपत्तियों की जांच की जा रही है।
अब सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद, लालू यादव को निचली अदालत में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। साथ ही, हाई कोर्ट की आगामी सुनवाई भी अब बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि उसी पर यह तय होगा कि FIR और चार्जशीट आगे बढ़ेगी या नहीं।
यह मामला लालू यादव की कानूनी और राजनीतिक चुनौतियों को और बढ़ा सकता है, खासकर ऐसे समय में जब विपक्ष एकजुट होने की कोशिशों में जुटा है।
