जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल जंगल में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के जवान हरमिंदर सिंह का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक गांव बदीनपुर लाया गया। जैसे ही शहीद की देह गांव पहुंची, माहौल गमगीन हो गया और हर तरफ “शहीद अमर रहें” के नारे गूंजने लगे।
सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
शहीद हरमिंदर सिंह का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सेना की टुकड़ी ने शहीद को सलामी दी। शमशान घाट पर शहीद के पिता ने बेटे को मुखाग्नि दी। जवान बेटे के सिर पर सेहरा सजाकर परिवार ने नम आंखों से विदाई दी। वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।
गांव में निकाली गई अंतिम यात्रा
शहीद का पार्थिव शरीर सेना के जवानों ने उनके घर पहुंचाया, जहां परिवार और ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद गांव में अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। यात्रा के दौरान लोग भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगा रहे थे।
जनसैलाब ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग, सेना के जवान और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे। सभी ने परिवार के साथ संवेदनाएं प्रकट कीं। इस मौके पर जिला पुलिस प्रशासन से डीएसपी अमलोਹ गुरदीप सिंह, शिरोमणि अकाली दल से गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना, भाजपा से संदीप सिंह बल्ल, आम आदमी पार्टी से गुरप्रीत सिंह जी.पी., और सिविल प्रशासन से एसडीएम अमलोह उपस्थित थे। सभी ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
गौरव और गम का मिला-जुला पल
गांव बदीनपुर के लोग इस बात पर गर्व महसूस कर रहे थे कि उनका बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ, लेकिन साथ ही उसकी कमी से सभी का दिल भारी था। शहीद हरमिंदर सिंह की बहादुरी और बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
