1 जुलाई 2026 से एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें लागू हो गई हैं। महीने की शुरुआत में तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बड़ी कटौती की है। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग कारोबार और छोटे व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कमर्शियल सिलेंडर 183.50 रुपये तक हुआ सस्ता
नई दरों के अनुसार दिल्ली में 19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 183.50 रुपये कम कर दी गई है। इसके बाद इसकी नई कीमत 2,930 रुपये हो गई है। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और अन्य बड़े शहरों में भी कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटाए गए हैं। यह वर्ष 2026 में पहली बार है जब कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इतनी बड़ी राहत दी गई है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतें स्थिर
घरेलू रसोई गैस का उपयोग करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए इस बार कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर पहले की दरों पर ही मिलेगा। दिल्ली में इसकी कीमत 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये बनी हुई है। यानी इस महीने घरेलू उपभोक्ताओं को न तो अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा और न ही कीमत में राहत मिलेगी।
कीमतों में बदलाव की वजह क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में नरमी आने के बाद तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटाने का फैसला लिया है। पश्चिम एशिया में हाल के दिनों में हालात सामान्य होने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में दबाव कम होने का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया है। इसी कारण कारोबार में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडरों की कीमतों में कटौती की गई है।
होटल और छोटे कारोबारियों को मिलेगी राहत
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सस्ता होने से होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें, चाय-नाश्ते के स्टॉल और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों की गैस लागत कम होगी। इससे उनके मासिक खर्च में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार नई दरें जारी करती हैं। जुलाई की शुरुआत में आई यह कटौती कारोबारियों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल कीमतें पहले जैसी ही बनी हुई हैं।
