भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए सितंबर 2025 बेहद खास महीना साबित हुआ। जीएसटी दरों में कटौती और नवरात्रि की शुरुआत ने मिलकर गाड़ियों की बिक्री को नई ऊंचाई दी। इसी दौरान महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड कायम कर दिया। कंपनी ने सितंबर में 56,233 पैसेंजर वाहनों की बिक्री की और अपने ही पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
पिछले साल से 10% ज्यादा
पिछले साल सितंबर 2024 में महिंद्रा ने 51,062 गाड़ियाँ बेची थीं। इस बार यह आंकड़ा सीधे 10% बढ़कर 56,233 तक पहुंच गया। वहीं, घरेलू और निर्यात दोनों को मिलाकर कंपनी ने कुल 1,00,298 वाहनों की बिक्री की। यह पिछले साल की तुलना में 16% ज्यादा है। कंपनी के मुताबिक SUVs के साथ-साथ हल्के कमर्शियल वाहनों और तीन-पहिया गाड़ियों की डिमांड भी इस बार रिकॉर्ड स्तर पर रही।
सप्लाई चेन ने रोकी रफ्तार
हालांकि, इतनी शानदार बिक्री के बावजूद कंपनी का कहना है कि नतीजे और भी बेहतर हो सकते थे। सितंबर के आखिरी 10 दिनों में ट्रेलर और लॉजिस्टिक्स की कमी के कारण गाड़ियों की सप्लाई डीलरों तक अटक गई। इससे बिक्री का ग्राफ उतना नहीं बढ़ पाया, जितनी उम्मीद की जा रही थी।
सितंबर की डिटेल्ड सेल्स रिपोर्ट
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कुल वाहन बिक्री (घरेलू + निर्यात): 1,00,298 यूनिट्स (16% वृद्धि)
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कुल SUV बिक्री (निर्यात समेत): 58,714 यूनिट्स
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घरेलू कमर्शियल वाहन: 26,728 यूनिट्स (18% वृद्धि)
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हल्के कमर्शियल वाहन (2–3.5 टन): 23,342 यूनिट्स (21% वृद्धि)
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थ्री-व्हीलर (EV समेत): 13,017 यूनिट्स (30% वृद्धि)
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एक्सपोर्ट: 4,320 यूनिट्स (43% वृद्धि)
अगस्त से सितंबर तक बड़ा बदलाव
अगस्त 2025 में बिक्री सुस्त रही थी। वजह थी जीएसटी सुधारों की अटकलें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले से जीएसटी रिफॉर्म का संकेत दिया था। इसके बाद ग्राहकों ने खरीदारी टाल दी और डीलरों ने भी स्टॉक कम कर दिया। लेकिन जैसे ही 22 सितंबर से जीएसटी 2.0 लागू हुआ और नवरात्रि की शुरुआत हुई, बाजार में मांग अचानक तेज हो गई। इसी वजह से सितंबर का महीना रिकॉर्ड-तोड़ रहा।
हाफ-ईयर रिपोर्ट भी मजबूत
इस वित्तीय वर्ष (अप्रैल–सितंबर 2025) के पहले छह महीनों में महिंद्रा ने 2,97,570 पैसेंजर गाड़ियाँ बेची हैं। यह पिछले साल की तुलना में 14% ज्यादा है। वहीं, कमर्शियल वाहनों में 18% की बढ़त रही और एक्सपोर्ट में 43% की जोरदार छलांग लगी।
