श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पवित्र स्वरूपों के गायब होने के मामले में आखिरकार बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इस मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के पूर्व सीए सतिंदर सिंह कोहली की गिरफ्तारी के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय पिछले तीन साल से इस मामले में ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहा था, जो अब जाकर पूरी हुई है।
हाई कोर्ट के आदेश पर बनी SIT
कुलदीप सिंह धालीवाल ने जानकारी दी कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। इसी टीम की जांच के बाद पहली गिरफ्तारी संभव हो पाई है। धालीवाल के अनुसार, पंजाब पुलिस ने सतिंदर सिंह कोहली को चंडीगढ़ के एक होटल से गिरफ्तार किया, जिसे जांच में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
मुख्य आरोपी माने जा रहे कोहली
धालीवाल ने कहा कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि सतिंदर सिंह कोहली इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। पवित्र स्वरूपों के गायब होने का मामला सिख समुदाय की भावनाओं से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर कार्रवाई की मांग लंबे समय से की जा रही थी। पिछले वर्षों में सिख संगठनों और आम संगत ने कई बार विरोध प्रदर्शन कर जांच को तेज करने की मांग उठाई थी।
सभी दोषियों को जेल भेजने का भरोसा
पूर्व मंत्री ने सिख समुदाय को भरोसा दिलाया कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों के साथ की गई लापरवाही या अपराध के लिए सभी दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। धालीवाल ने दावा किया कि इस केस में नामजद सभी 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
2020 में सामने आया था मामला
गौरतलब है कि गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों के गायब होने का मामला पहली बार साल 2020 में सामने आया था। उस समय शुरुआती जांच में 267 स्वरूपों के गायब होने की बात कही गई थी। बाद में श्री अकाल तख्त द्वारा गठित जांच कमेटी ने खुलासा किया कि कुल 328 पवित्र स्वरूपों का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।
कई पूर्व अधिकारी नामजद
इस मामले में शिरोमणि कमेटी के 16 पूर्व कर्मचारियों को नामजद किया गया था। इनमें पूर्व मुख्य सचिव, पूर्व सचिव और अन्य अधिकारी शामिल हैं। अब पहली गिरफ्तारी के बाद उम्मीद की जा रही है कि जांच और तेज होगी और पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
सिख समुदाय में न्याय की उम्मीद
इस गिरफ्तारी के बाद सिख समुदाय में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पवित्र स्वरूपों के मामले में पूरी सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।
