डीजीपी गौरव यादव के निर्देश पर पंजाब पुलिस ने ‘ऑपरेशन OPS-Seal-23’ के तहत राज्य में प्रवेश और निकास करने वाले सभी वाहनों की व्यापक जांच की। निर्देशों के अनुसार, सभी सीमावर्ती जिलों के SSP को रणनीतिक स्थानों पर मजबूत संयुक्त नाके लगाने और गज़टेड अधिकारियों व SHO की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के आदेश दिए गए थे।
स्पेशल डीजीपी (कानून-व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने बताया कि 10 सीमावर्ती जिलों में 600 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीमों ने 65 से अधिक एंट्री-एग्ज़िट पॉइंट्स पर कड़े नाके लगाए। ये जिले हैं—पठानकोट, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, रूपनगर, मोहाली, पटियाला, संगरूर, मानसा, होशियारपुर और बठिंडा।
1182 वाहनों की चेकिंग, भारी चालान और जब्ती
एक दिन चले इस विशेष अभियान में पुलिस ने कुल 1182 वाहनों की जांच की। इनमें से 234 वाहनों का चालान किया गया, जबकि 2 वाहनों को जब्त किया गया। पुलिस ने अभियान के दौरान 5 FIR दर्ज कीं और 3 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया।
283वें दिन भी जारी नशा विरोधी मुहिम
पंजाब पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ अपने अभियान को 283वें दिन भी बेहद सक्रिय रखा। राज्यभर में 346 जगहों पर छापेमारी की गई। इसके परिणामस्वरूप 68 नए FIR दर्ज किए गए और 95 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
इस तरह, पिछले 283 दिनों में अब तक गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों की कुल संख्या 39,864 पहुंच गई है।
तस्करों से बरामद मादक पदार्थ और नकदी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने तस्करों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नशा बरामद किया—
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1.5 किलो हेरोइन
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429 ग्राम अफीम
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6 किलो गांजा
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21 किलो भुक्की
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2.95 लाख रुपये की ड्रग मनी
120 से अधिक टीमों ने की छापेमारी, 40 लोगों को कराया नशामुक्ति के लिए तैयार
इस बड़े अभियान में 70 गज़टेड अधिकारियों की निगरानी में 1000 से अधिक पुलिस कर्मियों की 120 टीमें राज्यभर में सक्रिय रहीं। दिनभर की कार्रवाई में पुलिस ने 340 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की और 40 लोगों को नशा छोड़ने व पुनर्वास उपचार के लिए तैयार किया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह ऑपरेशन?
सीमावर्ती क्षेत्रों में नशा और अपराध की रोकथाम पंजाब सरकार की प्राथमिकता है। OPS-Seal-23 जैसे अभियान न केवल नशा तस्करी पर रोक लगाते हैं, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाते हैं।
