आम आदमी पार्टी (AAP) ने देश की बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार और विपक्षी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली अब खंडहर बनती जा रही है, और इसके लिए सबसे ज़्यादा ज़िम्मेदार भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस हैं।
“AI एक्सपर्ट नहीं, AI मजदूर बना रही शिक्षा”
मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज पूरी दुनिया अपने बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक विषयों में निपुण बनाने में जुटी है। लेकिन भारत की शिक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर हो चुकी है कि हम अपने बच्चों को AI मजदूर बनने लायक भी शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
जहां सरकार में हैं, वहां सुधार किया – मनीष सिसोदिया
सिसोदिया ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार जहां भी बनी है, वहां शिक्षा पर गंभीरता से काम हुआ है। दिल्ली इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूलों में बदला गया। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी ‘आप’ सरकार शिक्षा में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है। और जहां पार्टी की सरकार नहीं है, वहां भी AAP शिक्षा के लिए आवाज़ उठा रही है।
3,000 कार्यकर्ताओं की टीम जांच करेगी सरकारी स्कूलों की हालत
मंगलवार को ‘आप’ पार्टी की एक अहम बैठक हुई जिसमें 20 राज्यों के प्रभारियों ने भाग लिया। इस बैठक में यह फैसला लिया गया कि AAP अब देशभर में 3,000 कार्यकर्ताओं की एक टीम तैयार करेगी, जो अलग-अलग राज्यों के सरकारी स्कूलों का दौरा करेगी। ये टीमें स्कूलों की असली स्थिति की रिपोर्ट देश के सामने रखेंगी ताकि लोगों को जमीनी सच्चाई पता चल सके।
“केंद्र की बात और जमीन की हकीकत में अंतर”
मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में देश के शिक्षा मंत्रियों के साथ बैठक में दावा किया कि नई शिक्षा नीति से देश शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। लेकिन हकीकत इससे उलट है।
सिसोदिया ने कहा, “देश में आज भी ऐसे स्कूल हैं जहां बच्चों के पास बैठने के लिए बेंच तक नहीं है, पढ़ाने वाले शिक्षक नहीं हैं, और कई जगह स्कूल की बिल्डिंग तक जर्जर हालत में हैं।”
झालावाड़ हादसे का ज़िक्र
सिसोदिया ने राजस्थान के झालावाड़ जिले की उस दुखद घटना का ज़िक्र किया, जहां एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से 8 बच्चों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं भविष्य बनाने के लिए, लेकिन उन्हें अपने बच्चों के शव वापस मिल रहे हैं। उन्होंने इसे बेहद दुखद और शर्मनाक बताया।
“देश को असली तस्वीर दिखाना ज़रूरी”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस और सांसद संजय सिंह भी मौजूद थे। सभी नेताओं ने कहा कि अब समय आ गया है कि देश की शिक्षा व्यवस्था की असली तस्वीर लोगों के सामने लाई जाए। उन्होंने जनता से अपील की कि वे शिक्षा को चुनावी मुद्दा बनाएं, क्योंकि बिना शिक्षा के कोई देश आगे नहीं बढ़ सकता।
AAP ने साफ किया है कि वह अब देश के हर कोने में जाकर सरकारी स्कूलों की सच्चाई उजागर करेगी। पार्टी का कहना है कि बच्चों का भविष्य किसी राजनीतिक बहस से ऊपर है और शिक्षा में सुधार ही देश का असली विकास है।
