पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ऑपरेशन सिंदूर को लेकर देश से सच्चाई छुपा रहे हैं और 140 करोड़ भारतीयों को भ्रमित कर रहे हैं। उनका दावा है कि इस सैन्य अभियान के बारे में दी गई जानकारी अधूरी और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।
ट्रंप के बयान पर क्यों चुप हैं प्रधानमंत्री?
हरपाल चीमा ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम (सीज़फायर) उनकी मध्यस्थता का परिणाम था। चीमा ने पूछा कि अगर यह दावा गलत है, तो अब तक भारत सरकार ने उसका आधिकारिक खंडन क्यों नहीं किया?
लोकसभा में क्यों नहीं दिए सीधे जवाब?
चीमा का कहना है कि प्रधानमंत्री ने लोकसभा जैसे सर्वोच्च मंच पर सीधे सवालों के जवाब देने से बचने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “मोदी जी ने सवालों से बचने के लिए बातों को घुमा दिया, जबकि लोकतंत्र में पारदर्शिता सबसे जरूरी है।”
अमेरिकी भूमिका पर सस्पेंस क्यों?
हरपाल चीमा ने यह भी सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में अमेरिका की भूमिका को स्पष्ट क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा, “पीएम ने यह तक नहीं बताया कि किन अमेरिकी एजेंसियों ने ऑपरेशन में हिस्सा लिया या क्या यह अभियान पूरी तरह भारत की योजना थी या इसमें विदेशी मदद शामिल थी।”
देश को जानने का हक है
चीमा ने कहा कि भारत के नागरिकों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि ऑपरेशन सिंदूर के पीछे की असली रणनीति क्या थी। अगर इसमें कोई अंतरराष्ट्रीय सहयोग था तो उसे भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
लोकतंत्र के लिए चिंता की बात
हरपाल चीमा ने अपने बयान के अंत में कहा, “जब प्रधानमंत्री संसद में जवाब देने से कतराते हैं, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। जनता को अंधेरे में रखना अब बंद होना चाहिए।”
विपक्ष ने की पारदर्शिता की मांग
हरपाल चीमा का यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष लगातार ऑपरेशन सिंदूर पर केंद्र सरकार से पारदर्शिता और पूरी जानकारी की मांग कर रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इन सवालों का क्या जवाब देती है।
