पंजाब में मानसून के दौरान संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने बचाव कार्यों में तेजी ला दी है। इसी कड़ी में रूपनगर जिले के गांव चक्क ढेरा में चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों का कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और समय पर सभी काम पूरे करने के निर्देश दिए।
सतलुज किनारे मजबूत किए जा रहे सुरक्षा प्रबंध
सरकार की ओर से लगभग 4.62 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ रोकने के लिए विशेष परियोजना चलाई जा रही है। इसके तहत सतलुज नदी के किनारे करीब 1,500 फुट लंबे हिस्से को मजबूत किया जा रहा है, ताकि तेज बहाव या जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आसपास के गांवों और कृषि भूमि को नुकसान से बचाया जा सके।
लोगों की सुरक्षा पर सरकार का जोर
राज्य सरकार का कहना है कि मानसून के मौसम में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां जरूरत है, वहां तटबंधों को मजबूत करने, मरम्मत कराने और अन्य बाढ़ सुरक्षा उपायों पर तेजी से काम किया जा रहा है।
समय पर काम पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी बाढ़ सुरक्षा कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। सरकार का मानना है कि समय रहते मजबूत इंतजाम होने से बाढ़ के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है और लोगों की जान-माल की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
