पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में आज एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई और कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और बरिंदर गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन निर्णयों की जानकारी साझा की।
जेलों में नशा रोकने के लिए स्निफर डॉग की तैनाती
कैबिनेट बैठक में सबसे अहम फैसला जेलों में नशे को खत्म करने के उद्देश्य से लिया गया। अब पंजाब की जेलों में स्निफर डॉग (खोजी कुत्ते) तैनात किए जाएंगे। यह कदम जेलों के अंदर नशे के प्रसार को रोकने के लिए उठाया गया है। बैठक में इन डॉग्स की खरीद और ट्रेनिंग के लिए मंजूरी भी दी गई है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत राशि में इज़ाफा
बैठक में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए राहत राशि को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। अब बाढ़ पीड़ित किसानों को प्रति एकड़ 20,000 रुपये का मुआवज़ा दिया जाएगा। इसके साथ ही जिन परिवारों के घरों को नुकसान हुआ है, उन्हें 40,000 रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी ताकि वे अपने टूटे घरों की मरम्मत कर सकें।
मुख्यमंत्री मान ने पहले ही कहा था कि राज्य सरकार बाढ़ से प्रभावित हर परिवार तक आर्थिक मदद पहुंचाएगी और किसी भी पीड़ित को अकेला महसूस नहीं होने देगी।
ई-नीलामी और हाउसिंग नीतियों को मिली मंजूरी
बैठक में ई-ऑक्शन पॉलिसी और बहुमंज़िला फ्लैटों के लिए सहकारी समितियों (Cooperative Societies) को भूमि आवंटन की नई नीति को भी मंजूरी दी गई। इससे राज्य में हाउसिंग सेक्टर को गति मिलेगी और आम लोगों के लिए आवास योजनाएं आसान होंगी।
दरों की सफाई और टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का फैसला
कैबिनेट ने राज्य की नदियों की सफाई और डीसिल्टिंग (Desilting) के लिए भी टेंडर जारी करने की अनुमति दी। इस पहल का उद्देश्य राज्य में जलभराव और बाढ़ की समस्या को कम करना है।
सरकार की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार जनता के हित में लगातार कदम उठा रही है। चाहे वह नशा-मुक्त पंजाब का लक्ष्य हो, बाढ़ राहत कार्य हों या आम जनता के लिए आवास योजनाएं — सरकार हर क्षेत्र में पारदर्शी और तेज़ निर्णय ले रही है।
