पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में आशीर्वाद योजना के तहत अनुसूचित जातियों से संबंधित 5751 लाभार्थियों को कुल 29.33 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। यह योजना राज्य सरकार की उन पहलों में से एक है, जो आर्थिक रूप से कमजोर और अल्पसंख्यक वर्ग के परिवारों की भलाई के लिए चलाई जा रही है।
जिलेवार लाभार्थियों की जानकारी
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस योजना के तहत जिला बर्नाला के 58, बठिंडा के 633, फरीदकोट के 67, फिरोजपुर के 349, श्री फतेहगढ़ साहिब के 106, गुरदासपुर के 265 और हुशियारपुर के 70 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
वहीं, जालंधर में 1087, लुधियाना में 839, मोगा में 885, श्री मुक्तसर साहिब में 192, पटियाला में 357, रूपनगर में 147, S.A.S नगर में 65, S.B.S नगर में 359, संगरूर में 210 और मलेरकोटला में 62 लाभार्थियों को लाभ दिया गया।
योजना की पात्रता और लाभ
आशीर्वाद योजना के तहत राज्य सरकार गरीब परिवारों की कन्याओं के विवाह के लिए 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। लाभ लेने के लिए आवेदक को पंजाब का स्थायी नागरिक होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक का परिवार गरीब होना चाहिए और वह अनुसूचित जाति, पिछड़ी श्रेणियों या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित होना चाहिए। परिवार की वार्षिक आय 32,790 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस योजना के तहत परिवार की अधिकतम दो बेटियों को लाभ दिया जा सकता है।
प्रत्यक्ष बैंक खाते में राशि हस्तांतरण
मंत्री ने बताया कि वित्तीय सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती है। इससे न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित होती है, बल्कि लाभार्थियों को समय पर सहायता भी मिलती है।
सरकार की प्रतिबद्धता
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार हर वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली सरकार अनुसूचित जातियों, पिछड़ी श्रेणियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए लगातार योजनाओं को लागू कर रही है।
