पंजाब विधानसभा में कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने एक अहम मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी से दो टूक सवाल किया। उन्होंने CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को अब जनता को साफ-साफ बताना चाहिए कि वह पंजाब में CISF के रहने के पक्ष में है या विरोध में।
कांग्रेस को स्पष्ट रुख अपनाने की सलाह
मंत्री सौंद ने कहा कि CISF को 1969 से पंजाब में तैनात किया गया है, लेकिन उस समय कांग्रेस की सरकार थी और उसने इस बारे में कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब जब इस मुद्दे पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो कांग्रेस पार्टी को स्पष्ट तौर पर जनता के सामने आकर अपना स्टैंड बताना चाहिए, ना कि दोहरी राजनीति करनी चाहिए।
उनका कहना था –
“अब समय आ गया है कि कांग्रेस पार्टी तीन करोड़ पंजाबियों को बता दे कि क्या वे CISF को हटाने के पक्ष में हैं या नहीं। अस्पष्ट बयानबाजी और दोगली राजनीति अब नहीं चलेगी।”
सुप्रीम कोर्ट से केस वापस क्यों लिया?
तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कांग्रेस पर एक और गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब पंजाब अपने हकों के लिए सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ रहा था और कांग्रेस की सरकार आई, तो उन्होंने वह केस वापस क्यों ले लिया? उन्होंने पूछा कि क्या यह पंजाब के हक़ में था?
इतिहास में भी कांग्रेस के फैसले पर उठे सवाल
मंत्री सौंद ने कांग्रेस की ऐतिहासिक नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर इतिहास पर नजर डाली जाए, तो कांग्रेस पार्टी ने अक्सर अजीबो-गरीब फैसले ही लिए हैं, जिनका नुकसान पंजाब को उठाना पड़ा है।
तरुणप्रीत सिंह सौंद का यह बयान स्पष्ट रूप से कांग्रेस पर सीधा हमला था। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस अब CISF जैसे संवेदनशील मुद्दे पर स्पष्ट स्थिति अपनाए और पंजाब के लोगों के साथ ईमानदारी से पेश आए।
