मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वास्थ्य विभाग में चयनित 523 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर उन्होंने सभी नव-नियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए पंजाब सरकार के परिवार में उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में इन युवाओं की अहम भूमिका होगी और उन्हें पूरी ईमानदारी तथा समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।
67,500 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अब तक 67,500 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है। उन्होंने दावा किया कि सभी नियुक्तियां पूरी तरह मेरिट के आधार पर और बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के दी गई हैं। भगवंत मान ने कहा कि एक समय ऐसा था जब सरकारी नौकरी पाना युवाओं के लिए सपना बन गया था, लेकिन अब योग्य उम्मीदवारों को पारदर्शी तरीके से अवसर मिल रहे हैं।
‘अपनी सरकार’ कह रहे हैं पंजाब के युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के कारण पंजाब के युवा उनकी सरकार को ‘अपनी सरकार’ कहकर संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करना और उन्हें राज्य के विकास में भागीदार बनाना है।
NEET परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर हमला
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने NEET परीक्षा के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में परीक्षाओं का संचालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा, जबकि ‘विश्व गुरु’ बनने के दावे किए जा रहे हैं। भगवंत मान ने कहा कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए सेना की मदद लेने की नौबत आना चिंता का विषय है।
पंजाब की परीक्षा व्यवस्था का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया है, जिससे युवाओं का विश्वास मजबूत हुआ है और योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर मिल रहे हैं।
