पंजाब के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। श्री अमृतसर साहिब के गांव रामदास के रहने वाले भारतीय सेना के नायब सूबेदार प्रगट सिंह जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे राज्य में शोक का माहौल है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जताया दुख
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शहीद जवान की शहादत पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि देश के लिए नायब सूबेदार प्रगट सिंह के साहस, बलिदान और जज्बे को दिल से सलाम है। मुख्यमंत्री ने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में पंजाब सरकार परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता दी जाएगी।
आज अमृतसर पहुंचेगा पार्थिव शरीर
जानकारी के अनुसार, शहीद नायब सूबेदार प्रगट सिंह का पार्थिव शरीर आज हवाई जहाज से श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, राजासांसी पहुंचेगा। इसके बाद पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव रामदास ले जाया जाएगा।
कल पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
शहीद का अंतिम संस्कार कल (सोमवार) उनके गांव रामदास में पूरे मिलिट्री सम्मान के साथ किया जाएगा। सेना की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और देश उनके बलिदान को श्रद्धांजलि देगा।
9 साल की गौरवपूर्ण सैन्य सेवा
नायब सूबेदार प्रगट सिंह दिसंबर 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने करीब 9 वर्षों तक देश की सेवा की और हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और साहस के साथ निभाया। वे अपने कर्तव्य के प्रति हमेशा समर्पित रहे।
परिवार और गांव में मातम
शहीद प्रगट सिंह अपने पीछे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। जैसे ही उनकी शहादत की खबर गांव में पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया। हर आंख नम है और लोग अपने वीर सपूत की कुर्बानी को नमन कर रहे हैं।
हमेशा अमर रहेगा बलिदान
देश की रक्षा करते हुए दिया गया नायब सूबेदार प्रगट सिंह का यह बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनका साहस और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
