प्रधानमंत्री Narendra Modi और कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney के बीच सोमवार को अहम मुलाकात होने जा रही है। इस बैठक का उद्देश्य व्यापार, ऊर्जा और महत्वपूर्ण तकनीक के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है। मौजूदा वैश्विक हालात और भू-राजनीतिक तनाव के बीच दोनों देश आपसी रिश्तों को नई मजबूती देना चाहते हैं।
व्यापक एजेंडे पर चर्चा
दोनों नेताओं के बीच “व्यापक एजेंडा” पर विस्तृत बातचीत होगी। इसमें 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या को लेकर पैदा हुए कूटनीतिक तनाव के बाद संबंधों को सामान्य बनाने पर विशेष जोर रहेगा। पिछले साल संबंधों में आई ठंडक के बाद यह मुलाकात भरोसा बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्नी का स्वागत करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सकारात्मकता लगातार बढ़ी है। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
तीन अहम समझौते
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच तीन महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ। कनाडा की विदेश मंत्री Anita Anand और भारत के विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar की मौजूदगी में ये समझौते किए गए। इनमें महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल हैं।
ऊर्जा और परमाणु सहयोग
भारत और कनाडा के बीच सिविल-न्यूक्लियर सहयोग को भी आगे बढ़ाने की संभावना है। भारत कनाडा से यूरेनियम आपूर्ति को लेकर प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देना चाहता है। कार्नी ने कहा कि भारत में ऊर्जा और तकनीक की मांग तेजी से बढ़ रही है, और कनाडा इन क्षेत्रों में अहम भूमिका निभा सकता है।
पहले क्यों बिगड़े थे संबंध?
2023 में उस समय के कनाडाई प्रधानमंत्री Justin Trudeau के बयान के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया था। बाद में दोनों देशों ने अपने-अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया था। हालांकि, कार्नी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद संबंधों को सुधारने की कोशिशें तेज हुईं।
