पंजाब सरकार ने राज्य में तकनीकी और पेशेवर शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की है कि गुरदासपुर स्थित सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कई नए उद्योग और कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इन नए कोर्सों का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकों और बदलती उद्योग जरूरतों के अनुसार तैयार करना है।
एआई, रोबोटिक्स और फार्मेसी जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम
शिक्षा मंत्री के अनुसार विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग में बी.टेक, रोबोटिक्स एवं एआई में बी.टेक, बी.फार्मेसी और बी.एससी. एग्रीकल्चर जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा एम.सी.ए., एम.बी.ए. और एम.एससी. के पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम भी छात्रों के लिए उपलब्ध होंगे। इन कोर्सों को इस तरह तैयार किया गया है ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप ज्ञान और अनुभव मिल सके।
रोजगारोन्मुख शिक्षा पर सरकार का जोर
स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार उच्च शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे रोजगार और कौशल से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। उनका कहना है कि आज के समय में केवल किताबों और परीक्षाओं पर आधारित शिक्षा पर्याप्त नहीं है। इसलिए छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, प्रयोगशाला आधारित सीखने और वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ना जरूरी है।
इंटर्नशिप और लाइव प्रोजेक्ट होंगे अनिवार्य
नई शिक्षा व्यवस्था के तहत प्रत्येक विद्यार्थी को एक सेमेस्टर की अनिवार्य इंटर्नशिप करनी होगी। साथ ही उन्हें लाइव प्रोजेक्ट्स में भी भाग लेना होगा। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही उद्योग जगत का अनुभव मिलेगा। इससे स्नातक होने के बाद उन्हें नौकरी के लिए अतिरिक्त तैयारी की आवश्यकता कम पड़ेगी और वे सीधे कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
नवाचार और उद्यमशीलता को मिलेगा बढ़ावा
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय को केवल डिग्री देने वाला संस्थान नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने वाला केंद्र बनाया जा रहा है। यहां छात्रों को नए विचार विकसित करने, तकनीकी समाधान तैयार करने और स्टार्टअप संस्कृति से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। इससे युवा रोजगार तलाशने के साथ-साथ रोजगार देने वाले भी बन सकेंगे।
प्रतिभा पलायन रोकने की कोशिश
सरकार का मानना है कि आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाओं के अभाव में कई छात्र राज्य से बाहर पढ़ाई के लिए जाते हैं। नए पाठ्यक्रमों और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के जरिए इस प्रवृत्ति को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। अब विद्यार्थियों को तकनीकी, कृषि और फार्मास्युटिकल शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी, क्योंकि उन्हें पंजाब में ही आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
