मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार युवाओं को नशे से दूर रखने और राज्य में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। ‘नई खेल नीति 2023’ के तहत खेलों को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक सशक्त करियर विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि मजबूत खेल ढांचा और सकारात्मक वातावरण युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रख सकता है।
इस नीति के अंतर्गत पूरे राज्य में 3,100 से अधिक स्टेडियमों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि हर जिले और ब्लॉक स्तर पर युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं मिल सकें। गांवों और कस्बों तक खेल मैदानों का विस्तार कर सरकार जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को उभारने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही 1,000 खेल नर्सरियां स्थापित की जा रही हैं, जहां बच्चों को शुरुआती उम्र से ही पेशेवर प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की मजबूत नींव तैयार कर रही है।
राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘खेलां वतन पंजाब दीयां जैसी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं युवाओं के लिए बड़ा मंच बनकर उभरी हैं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, साथ ही नकद पुरस्कार और सम्मान भी प्रदान किए जाते हैं। इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और खेलों के प्रति आकर्षण भी मजबूत होता है।
पंजाब सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए छात्रवृत्ति राशि को दोगुना कर 12,000 से 16,000 रुपये प्रति माह तक कर दिया है। इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है और वे बिना किसी वित्तीय दबाव के अपने प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं। यह कदम खेलों को स्थायी करियर विकल्प के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
पंजाब खेलों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ एक प्रभावी हथियार के रूप में भी देख रहा है। खेल गतिविधियों में व्यस्त युवा सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ते हैं और अनुशासन, टीम भावना तथा आत्मविश्वास विकसित करते हैं। साथ ही, खेल क्षेत्र में प्रशिक्षकों, प्रबंधकों और अन्य सहायक भूमिकाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। नई खेल नीति 2023 के जरिए पंजाब खेलों के माध्यम से स्वस्थ, सशक्त और नशामुक्त समाज की दिशा में एक नई मिसाल कायम कर रहा है।
