दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने एक बार फिर बातचीत की पहल की है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की ओर से प्रदर्शनकारियों को वार्ता का प्रस्ताव दिया गया। सरकार का कहना है कि अब तक आंदोलनकारी पक्ष को बातचीत के लिए कई औपचारिक प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं और वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
प्रदर्शनकारियों ने रखी अपनी शर्त
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे बातचीत से पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन बैठक जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए। उनका कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उनके आंदोलन का प्रमुख मुद्दा है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन जारी
पेपर लीक के मामलों को लेकर यह आंदोलन पिछले कई दिनों से जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि परीक्षा से जुड़े मामलों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और संसद के भीतर भी इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।
वार्ता से समाधान की उम्मीद
सरकार का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है, जबकि आंदोलनकारी अपने मुद्दों पर स्पष्ट आश्वासन चाहते हैं। दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत की कोशिशें हो चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस सहमति की घोषणा नहीं हुई है। इस बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और आगे की रणनीति को लेकर आंदोलनकारी लगातार बैठकें कर रहे हैं।
