अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और नकदी प्रबंधन से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच तेज कर दी है। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं और अब मंदिर से जुड़े कई कर्मचारियों की भूमिका जांच के दायरे में आ गई है। सूत्रों के अनुसार, नकदी की गिनती, रिकॉर्ड प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाने वाले कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
टिन्नू यादव समेत कई नाम जांच के घेरे में
SIT की जांच में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का नाम भी प्रमुखता से सामने आया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि चढ़ावे की राशि के प्रबंधन और नकदी गिनती प्रक्रिया में किसकी क्या जिम्मेदारी थी। सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू यादव समेत कुछ अन्य कर्मचारियों से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। कुछ बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।
पुराने कर्मचारियों का रिकॉर्ड खंगाल रही टीम
जांच टीम मंदिर परिसर में लंबे समय से तैनात कर्मचारियों, सुरक्षा अधिकारियों और पर्यवेक्षकों का पूरा रिकॉर्ड जुटा रही है। उनकी नियुक्ति अवधि, जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र की जानकारी एकत्र की जा रही है। जांच का दायरा अब केवल कथित चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
डिजिटल सबूतों पर फोकस
SIT ने जांच के दौरान बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कई इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि नकदी प्रबंधन की प्रक्रिया में कहीं कोई खामी या अनियमितता तो नहीं हुई।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार और प्रशासन को घेरा है, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और सच्चाई जल्द सामने आएगी। सरकार ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया है।
आगे और खुलासों की संभावना
जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं। SIT लगातार कर्मचारियों, अधिकारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करना है।
