पंजाब सरकार ने आम जनता की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब कुत्ते, बिल्ली या अन्य जानवरों के काटने की स्थिति में आम आदमी क्लीनिकों में भी एंटी-रेबीज़ वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध होगी। पहले यह सुविधा केवल जिला अस्पतालों, सब-डिवीजन और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक ही सीमित थी, लेकिन अब इसे स्थानीय स्तर तक विस्तारित कर दिया गया है। इससे ग्रामीण और शहरी इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
कुछ जिलों में शुरू, बाकी में जल्द पहुंचेगी सुविधा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह सुविधा कुछ जिलों के आम आदमी क्लीनिकों में शुरू हो चुकी है, जबकि बाकी जिलों में भी जल्द ही एंटी-रेबीज़ टीके उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। यह फैसला लंबे समय से लोगों की मांग को देखते हुए लिया गया है, ताकि उन्हें अपने घर के पास ही समय पर और सुरक्षित इलाज मिल सके।
पशुओं के समय पर टीकाकरण की अपील
अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि अपने पालतू जानवरों का समय पर टीकाकरण जरूर करवाएं। इससे न केवल जानवर सुरक्षित रहेंगे, बल्कि लोगों को भी किसी प्रकार के संक्रमण से बचाया जा सकेगा। रैबीज़ एक 100% जानलेवा बीमारी है, लेकिन अगर समय पर इलाज हो जाए तो इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है।
मोहाली में 40 क्लीनिकों में सुविधा शुरू
मोहाली की सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन ने जानकारी दी कि उनके जिले में यह सुविधा शुरू कर दी गई है और 40 आम आदमी क्लीनिकों में एंटी-रेबीज़ टीके पहुंच चुके हैं। सभी क्लीनिकों में प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि मरीजों को त्वरित और प्रभावशाली इलाज मिल सके।
टीकाकरण की समयसीमा बेहद ज़रूरी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जानवर के काटने के बाद टीकाकरण चार चरणों में होता है — पहले दिन, तीसरे दिन, सातवें दिन और 28वें दिन। यदि समय पर टीकाकरण हो जाए, तो रैबीज़ के खतरे को पूरी तरह टाला जा सकता है। सभी आम आदमी क्लीनिकों में आवश्यक स्टॉक और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की व्यवस्था कर दी गई है।
समय पर इलाज से बचाई जा सकती है जान
विशेषज्ञों का कहना है कि रैबीज़ का संक्रमण एक बार लक्षण दिखने के बाद लगभग असंभव होता है, इसलिए समय पर वैक्सीन लगवाना जीवन रक्षक हो सकता है। सरकार की इस पहल से अब आम लोगों को दूर-दराज़ के अस्पतालों में भटकना नहीं पड़ेगा और समय रहते सही इलाज मिल सकेगा।
