पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में रहने वाले प्रवासी भारतीयों के साथ एक ऑनलाइन टाउनहॉल मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने प्रवासी भारतीयों की मेहनत और लगन की सराहना की और कहा कि विदेश में रहकर भी उन्होंने अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी कभी नहीं भूली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी भारतीयों ने अपने पिंडों और शहरों के विकास में, खेलों को बढ़ावा देने में और पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को मिशन ‘चढ़दी कला’ के साथ जोड़ने के लिए यह ऑनलाइन सत्र आयोजित किया।
मिशन ‘चढ़दी कला’ का उद्देश्य और महत्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मिशन पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की सहायता और पुनर्वास प्रयासों के लिए बनाया गया है। इसका लक्ष्य वैश्विक स्तर पर समर्थन जुटाना और प्रवासी भारतीयों को प्रदेश के विकास और राहत कार्यों से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय इस मिशन के माध्यम से पंजाब के पुनर्निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके तहत उन्हें रंगला पंजाब फंड के जरिए योगदान करने का अवसर मिलेगा।
प्रवासी भारतीयों ने किया पूरा समर्थन देने का आश्वासन
ऑनलाइन मीटिंग में उपस्थित प्रवासी भारतीयों ने मिशन ‘चढ़दी कला’ को पूरी तरह से समर्थन और सहयोग देने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के पंजाबियों को एक परिवार की तरह एकजुट होकर इस आपदा के समय में मदद करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अन्य देश-विदेश में बसे पंजाबियों द्वारा भी अपने सपनों के पंजाब के पुनर्निर्माण में खुलकर योगदान किया जाएगा।
वित्तीय योगदान और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मिशन के तहत एक-एक रुपया बाढ़ पीड़ितों की भलाई और पुनर्वास के लिए पूरी पारदर्शिता और समझदारी से खर्च किया जाएगा। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को बताया कि वर्तमान में कई समाजसेवी पहले ही इस मिशन का समर्थन कर रहे हैं और इसके सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं।
मिशन ‘चढ़दी कला’ न केवल बाढ़ पीड़ितों की मदद करने का अभियान है, बल्कि यह पंजाब और प्रवासी भारतीयों को वैश्विक स्तर पर जोड़ने वाला एक प्रयास भी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह संदेश दिया कि मिलकर किए गए प्रयास पंजाब के पुनर्निर्माण में सशक्त और स्थायी बदलाव ला सकते हैं।
