अमेरिकी फिनटेक कंपनी PayPal ने भारत में करीब 600 कर्मचारियों की छंटनी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह संख्या कंपनी के भारत में मौजूद 6,000 से ज्यादा कर्मचारियों की करीब 10 फीसदी है। छंटनी का असर टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, ऑपरेशंस, पेमेंट्स और फाइनेंस जैसी अलग-अलग टीमों पर पड़ा है।
इन तीन शहरों में सबसे ज्यादा असर
PayPal के भारत स्थित चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी इस कटौती से प्रभावित हुए हैं। ये तीनों शहर कंपनी के भारत में महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी और ऑपरेशनल सेंटर हैं।
चेन्नई में कंपनी का पहला भारतीय डेवलपमेंट सेंटर 2008 में शुरू हुआ था। बेंगलुरु सेंटर में AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों पर काम होता है, जबकि हैदराबाद टीम रिस्क मैनेजमेंट, फ्रॉड प्रिवेंशन और डेटा साइंस से जुड़े काम संभालती है।
बिना पहले नोटिस के मिली नौकरी जाने की जानकारी
कुछ प्रभावित कर्मचारियों के मुताबिक, उन्हें 31 अगस्त की सुबह एक वर्चुअल कॉल के जरिए नौकरी खत्म होने की जानकारी दी गई। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि कॉल के तुरंत बाद उनके कंपनी सिस्टम का एक्सेस बंद कर दिया गया। बाद में ऑफ-बोर्डिंग से जुड़ा ईमेल भेजा गया।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित कर्मचारियों को नौकरी तलाशने में सहायता और करीब एक महीने की सैलरी बतौर सेवरेंस देने की बात कही गई है। हालांकि, कुछ कर्मचारियों ने फाइनल सेटलमेंट को लेकर अभी और जानकारी मिलने का इंतजार बताया है।
PayPal क्यों कर रही है छंटनी?
यह फैसला PayPal की बड़ी ग्लोबल रिस्ट्रक्चरिंग योजना का हिस्सा है। कंपनी ने मई में अगले दो से तीन वर्षों के दौरान अपने वैश्विक कर्मचारियों की संख्या करीब 20 फीसदी तक कम करने की योजना बताई थी। 2025 के अंत में कंपनी में करीब 23,800 कर्मचारी थे, इसलिए पूरी योजना लागू होने पर लगभग 4,760 पद प्रभावित हो सकते हैं।
कंपनी इस बदलाव के जरिए अपने वैश्विक ऑपरेशंस को सरल बनाने, लागत घटाने और कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है। इस योजना से कम से कम 1.5 अरब डॉलर की ग्रॉस रन-रेट बचत का लक्ष्य बताया गया है।
भारत में PayPal का अहम टेक बेस
छंटनी के बावजूद भारत PayPal के वैश्विक टेक्नोलॉजी नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। कंपनी के भारतीय केंद्र पेमेंट प्लेटफॉर्म, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, AI, डेटा साइंस, फ्रॉड प्रिवेंशन और रिस्क मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं।
