पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए कैबिनेट मंत्री Aman Arora ने अभियान की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई और जागरूकता कार्यक्रमों का जायजा लिया।
लोगों से सहयोग की अपील
अमन अरोड़ा ने कहा कि नशे जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने गांवों के नेताओं, पंचायत प्रतिनिधियों, सुरक्षा समितियों और युवा संगठनों से इस मुहिम में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
दोतरफा रणनीति पर काम कर रही सरकार
मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ दोतरफा रणनीति पर काम कर रही है। एक तरफ नशा तस्करों और उनके नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर लोगों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
तस्करों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई
सरकार नशा तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कस रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं ताकि इस गैरकानूनी गतिविधि को जड़ से खत्म किया जा सके।
इलाज और पुनर्वास पर विशेष जोर
अमन अरोड़ा ने कहा कि नशे की समस्या का समाधान केवल कार्रवाई से नहीं, बल्कि इलाज और पुनर्वास से भी संभव है। इसी सोच के तहत नशे के शिकार लोगों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
नशा मुक्त पंजाब बनाने का लक्ष्य
सरकार का उद्देश्य समाज के सहयोग से एक ऐसा पंजाब बनाना है जहां युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। इसके लिए राज्यभर में जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।
