प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (13 सितंबर) मणिपुर और मिजोरम का दौरा कर रहे हैं। यह दौरा खास माना जा रहा है क्योंकि 2023 में मणिपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद पीएम मोदी पहली बार यहां पहुंचे हैं। उस हिंसा में लगभग 260 लोगों की मौत हुई थी और हजारों परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े थे। ऐसे में प्रधानमंत्री की यात्रा राज्य में शांति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मिजोरम से होगी शुरुआत
पीएम मोदी का कार्यक्रम मिजोरम की राजधानी आइजोल से शुरू होगा। यहां वे 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इनमें बैराबी-सैइरांग रेलवे लाइन, 45 किलोमीटर लंबा आइजोल बाईपास रोड, कई नई सड़कों और मुअलखांग में एक एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की शुरुआत शामिल है।
इसके अलावा वे लॉंगटलई-सियाहा रोड पर छिमतुईपुई नदी पर पुल और “खेलो इंडिया” मल्टीपर्पज इंडोर हॉल का भी उद्घाटन करेंगे। खास बात यह है कि रेलवे लाइन शुरू होने से अब आइजोल दिल्ली, गुवाहाटी और कोलकाता से सीधा जुड़ जाएगा।
चुराचांदपुर का दौरा
आइजोल से पीएम मोदी मणिपुर के चुराचांदपुर जाएंगे। यह क्षेत्र कुकी समुदाय का प्रमुख इलाका है और 2023 की हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। यहां पीएम मोदी कई विकास योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। यह दौरा इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि 1988 के बाद पहली बार कोई प्रधानमंत्री चुराचांदपुर पहुंच रहा है।
इम्फाल में बड़े प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन
दोपहर करीब 2:30 बजे पीएम मोदी राज्य की राजधानी इम्फाल पहुंचेंगे। यहां वे लगभग 1,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और कांगड़ा किला मैदान में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
इम्फाल में पीएम मोदी नए पुलिस मुख्यालय (लागत 101 करोड़ रुपये) और नए सिविल सचिवालय (लागत 538 करोड़ रुपये) का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वे 3,647 करोड़ रुपये की ड्रेनेज और एसेट मैनेजमेंट सिस्टम परियोजना और 550 करोड़ रुपये की मणिपुर इन्फोटेक डेवलपमेंट (MIND) परियोजना की भी शुरुआत करेंगे।
प्रशासन और जनता की उम्मीदें
मणिपुर के मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री का दौरा राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के साथ-साथ तेज़ विकास की दिशा खोलेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और प्रधानमंत्री का स्वागत करें।
पीएम मोदी ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि वे मणिपुर के समावेशी और सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उनके अनुसार, सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के साथ महिला होस्टल और अन्य योजनाओं की नींव रखी जाएगी।
पृष्ठभूमि: 2023 की हिंसा
मणिपुर की हिंसा मई 2023 में शुरू हुई थी। हिल जिलों में “ट्राइबल सॉलिडैरिटी मार्च” आयोजित किया गया था, जो मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में था। यह प्रदर्शन धीरे-धीरे बड़े संघर्ष में बदल गया और राज्य में दशकों की सबसे गंभीर जातीय हिंसा देखी गई।
उस समय प्रधानमंत्री का मणिपुर न पहुंचना विपक्ष के लिए बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना। अगस्त 2023 में कांग्रेस ने इस मुद्दे पर संसद में अविश्वास प्रस्ताव भी लाया था।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद लोगों के बीच भरोसा बहाल करना भी है। लंबे समय से हिंसा और अस्थिरता झेल रहे मणिपुर के लिए यह यात्रा एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।
