प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 28 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। यह परियोजना लंबे समय से प्रतीक्षित थी और करीब 25 साल बाद यह सपना साकार हुआ। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-NCR क्षेत्र को एक नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मिल गया है, जो देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है।
दिल्ली-NCR को मिला दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
यह एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद NCR का दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। इसका उद्देश्य बढ़ती हवाई यात्रियों की संख्या को संभालना और दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करना है। इससे देश की हवाई कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विकल्प बढ़ेंगे।
पहले चरण की खास बातें
एयरपोर्ट का पहला चरण लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसमें एक रनवे, आधुनिक टर्मिनल और अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। शुरुआती चरण में यह एयरपोर्ट हर साल करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभाल सकेगा। भविष्य में इसे विस्तार देकर इसकी क्षमता 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने की योजना है।
कार्गो और बिजनेस को मिलेगा बड़ा फायदा
यह एयरपोर्ट केवल यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। यहां आधुनिक कार्गो टर्मिनल बनाया गया है, जिससे सामान की आवाजाही तेज और आसान होगी। इससे उत्तर भारत में व्यापार और उद्योग को नया बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रोजगार और विकास के नए अवसर
नोएडा और आसपास के इलाकों में इस एयरपोर्ट के कारण बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। रियल एस्टेट, होटल, ट्रांसपोर्ट और अन्य सेक्टर में तेजी देखने को मिल सकती है। जेवर क्षेत्र को अब एक नए विकास केंद्र के रूप में देखा जा रहा है, जहां निवेश और आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी।
बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं
एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे और अन्य सड़कों से जोड़ा गया है, जिससे यहां पहुंचना आसान होगा। भविष्य में इसे रेल और मेट्रो से भी जोड़ने की योजना है। यह एयरपोर्ट आधुनिक तकनीक और पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिससे यह एक ग्रीन और स्मार्ट एयरपोर्ट के रूप में विकसित होगा।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था रही खास
उद्घाटन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और ड्रोन उड़ाने पर भी रोक लगाई गई। इसके साथ ही ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए कई मार्गों पर डायवर्जन और प्रतिबंध लागू किए गए, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
आगे की योजना और उड़ानें कब शुरू होंगी
हालांकि एयरपोर्ट का उद्घाटन हो गया है, लेकिन नियमित उड़ानें कुछ समय बाद शुरू होंगी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मई 2026 के आसपास यहां से उड़ान संचालन शुरू हो सकता है। आने वाले वर्षों में इसे कई चरणों में विस्तार दिया जाएगा, जिससे यह एशिया के बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है।
