पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद Abhishek Banerjee पर सोनारपुर इलाके में कथित हमले की खबर सामने आई। इस घटना के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने Mamata Banerjee से संपर्क कर चिंता जताई।
ममता बनर्जी ने बताया राहुल गांधी का प्रस्ताव
ममता बनर्जी ने कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें फोन करके अभिषेक बनर्जी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बेहतर इलाज की जरूरत हो तो अभिषेक को हैदराबाद या किसी अन्य शहर ले जाने की व्यवस्था भी की जा सकती है। ममता ने राहुल गांधी के इस कदम को मानवीय संवेदनशीलता से जुड़ा बताया।
सोनारपुर में क्या हुआ?
जानकारी के अनुसार अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में एक राजनीतिक कार्यक्रम और हिंसा प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि उन पर अंडे, पत्थर और चप्पलें फेंकी गईं। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उनके चेहरे और आंख के पास भी चोट लगी। उन्होंने इस पूरी घटना को सुनियोजित हमला बताया।
अस्पताल पहुंचने पर भी बढ़ा विवाद
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। तृणमूल कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि उन्हें तुरंत उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिली। ममता बनर्जी ने अस्पताल प्रशासन और व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। इस पूरे मामले ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया।
विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं
इस घटना के बाद कई विपक्षी नेताओं ने हमले की निंदा की। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बनने चाहिए। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। राहुल गांधी ने भी इस हमले को गंभीर बताते हुए चिंता व्यक्त की।
राजनीतिक माहौल हुआ और गर्म
तृणमूल कांग्रेस ने इस हमले के लिए भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया, जबकि भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को खारिज किया। भाजपा की ओर से कहा गया कि यह जनता के गुस्से का परिणाम है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस घटना को लेकर लगातार बयानबाजी जारी है।
