पंजाब में मुफ्त राशन योजना को लेकर सियासत गरमा गई है। पंजाब के वित्त, योजना, कर एवं आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार और भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर पंजाब के लाखों लोगों को मुफ्त अनाज योजना से वंचित करने की साज़िश कर रही है।
चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत 55 लाख लाभार्थियों का राशन बंद करने की योजना बनाई है। पहले ही करीब 23 लाख लोगों का राशन बंद किया जा चुका है और अब 32 लाख और लोगों को सूची से बाहर करने की धमकी दी जा रही है।
भाजपा पर गंभीर आरोप
पटियाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चीमा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह “पंजाब और पंजाबियों को टारगेट” करने की रणनीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों की विफलता के बाद भाजपा अब नई चालें चल रही है, लेकिन पंजाब की जनता और आम आदमी पार्टी की सरकार मिलकर इसका डटकर विरोध करेंगे।
उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा शुरू से ही पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार करती आई है। इसके उदाहरण उन्होंने गिनाए—
- ग्रामीण विकास फंड (RDF) के 8,000 करोड़ रुपये रोकना
- प्रधानमंत्री सड़क योजना के 1,000 करोड़ रुपये का फंड जारी न करना
- जीएसटी मुआवज़े के 50,000 करोड़ रुपये का बकाया न देना
अब गरीब जनता के लिए मुफ्त राशन बंद करना “सबसे बड़ी नाइंसाफी” है।
8 लाख राशन कार्ड रद्द करने का आरोप
चीमा ने कहा कि भाजपा ने पंजाब में 8,02,493 राशन कार्ड रद्द करने का निर्णय लिया है, जिससे सीधा असर लगभग 32 लाख लोगों पर पड़ेगा। उन्होंने इसे “लोगों की रोटी छीनने की राजनीति” करार दिया।
उन्होंने कहा – “जिस पंजाब ने पूरे देश का पेट भरा है, आज उसी के गरीबों का राशन छीनकर भाजपा घटिया राजनीति कर रही है।”
KYC के नाम पर “बहाना”
केंद्र सरकार का कहना है कि यह फैसला लाभार्थियों के KYC पंजीकरण पूरा न होने की वजह से लिया गया है। लेकिन चीमा ने इसे केवल “बहाना” बताया और कहा कि भाजपा गरीबों पर दबाव डालने की रणनीति अपना रही है। उन्होंने दावा किया कि पंजाबी इन हथकंडों के आगे कभी नहीं झुकेंगे और अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे।
निजी डाटा पर भी सवाल
चीमा ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा एक तरफ केंद्र की योजनाओं का लाभ देने का दिखावा करती है, जबकि दूसरी तरफ जनता का निजी डाटा इकट्ठा कर रही है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार के ही बनाए गए पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 का उल्लंघन है।
उन्होंने भाजपा को देश के लोकतंत्र के लिए “गंभीर खतरा” बताते हुए कहा कि आने वाले समय में पंजाब की सरकार और लोग इस लड़ाई को और मज़बूती से लड़ेंगे।
हरपाल सिंह चीमा का यह बयान साफ़ करता है कि आने वाले दिनों में पंजाब में मुफ्त राशन योजना को लेकर राजनीति और तेज़ होने वाली है। एक तरफ केंद्र सरकार इसे पारदर्शिता और पंजीकरण की प्रक्रिया से जोड़ रही है, तो दूसरी तरफ पंजाब सरकार इसे जनता के अधिकारों पर हमला बता रही है।
इस विवाद ने लाखों गरीब परिवारों को चिंता में डाल दिया है कि कहीं उनके लिए ज़रूरी राशन पर राजनीति हावी न हो जाए।
