दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला परिसर में हाल ही में हुई एक अनोखी चोरी ने सबको चौंका दिया था। मामला उस समय सामने आया जब जैन समाज के धार्मिक आयोजन के दौरान पूजा स्थल से करोड़ों रुपये का कीमती कलश गायब हो गया। अब क्राइम ब्रांच ने इस चोरी का पर्दाफाश कर दिया है और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
दिल्ली पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें एक धोती पहने शख्स नजर आया, जो बड़ी चतुराई से मंच तक पहुंचा और मौका मिलते ही कलश को अपने झोले में डालकर वहां से गायब हो गया। इसी आधार पर आरोपी की पहचान हुई और उसे उत्तर प्रदेश के हापुड़ से गिरफ्तार कर लिया गया।
तीन कलश की चोरी
पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी ने माना कि उसने सिर्फ एक नहीं बल्कि तीन कलश चोरी किए थे। फिलहाल एक कलश बरामद कर लिया गया है, जबकि बाकी दो की तलाश के लिए पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।
क्यों खास था यह कलश?
- चोरी हुआ कलश महज़ सोने का बर्तन नहीं था, बल्कि धार्मिक महत्व भी रखता था।
- इसमें लगभग 760 ग्राम सोना और करीब 150 ग्राम कीमती रत्न – हीरा, पन्ना और माणिक जड़े हुए थे।
- यह कलश जैन समाज के धार्मिक अनुष्ठानों में लंबे समय से इस्तेमाल होता आ रहा था।
- हर दिन पूजा-पाठ में इसे विशेष मंच पर स्थापित किया जाता था।
- नियमों के अनुसार मंच पर केवल पारंपरिक वस्त्र पहने अधिकृत लोगों को ही प्रवेश की अनुमति होती थी।
आयोजन समिति का क्या कहना है?
जैन समाज के सदस्य पुनीत जैन के मुताबिक, यह कलश सिर्फ सोने-रत्न का नहीं बल्कि आस्था का प्रतीक भी था। लंबे समय से यह समाज की पूजा का हिस्सा रहा है और हर दिन होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में इसका विशेष महत्व था।
पुलिस की कार्रवाई जारी है
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब अन्य साथियों की तलाश तेज कर दी है। दो और कलश अभी तक बरामद नहीं हो पाए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले से जुड़ी पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
