पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड ने फरवरी–मार्च 2026 में होने वाली 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं की डेट शीट जारी कर दी है। Punjab School Education Board (PSEB) ने इस बार परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव करते हुए प्रैक्टिकल परीक्षाएं लिखित परीक्षा से पहले कराने का फैसला लिया है। बोर्ड का कहना है कि इससे छात्रों को बेहतर तैयारी का समय मिलेगा और अगली कक्षा की पढ़ाई समय पर शुरू हो सकेगी।
पहले होंगी प्रैक्टिकल परीक्षाएं
बोर्ड के अनुसार, सभी संबंधित कक्षाओं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 2 फरवरी से 12 फरवरी 2026 के बीच करवाई जाएंगी। इसका उद्देश्य यह है कि छात्रों पर एक साथ कई परीक्षाओं का दबाव न पड़े और वे लिखित परीक्षाओं पर पूरा फोकस कर सकें। इससे रिज़ल्ट प्रक्रिया भी समय पर पूरी करने में मदद मिलेगी।
8वीं कक्षा की लिखित परीक्षा
8वीं कक्षा की लिखित परीक्षाएं 17 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएंगी।
- समय: सुबह 11 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक
- छात्रों की संख्या: करीब 2 लाख 77 हजार
- परीक्षा केंद्र: 2300 से अधिक
बोर्ड के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के लिए सभी केंद्रों पर जरूरी इंतजाम किए गए हैं। 10वीं कक्षा की परीक्षा का शेड्यूल
10वीं कक्षा की परीक्षा का शेड्यूल
10वीं कक्षा की लिखित परीक्षाएं 6 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक होंगी।
- समय: सुबह 11 बजे से दोपहर 2:15 बजे
- परीक्षार्थी: लगभग 2 लाख 84 हजार
- केंद्र: 2300 से ज्यादा
10वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों में खास उत्साह और गंभीरता देखी जाती है।
12वीं कक्षा की लिखित परीक्षाएं
12वीं कक्षा की परीक्षाएं सबसे लंबी अवधि की होंगी। ये परीक्षाएं 17 फरवरी से 4 अप्रैल 2026 तक चलेंगी।
- समय: सुबह 11 बजे से दोपहर 2:15 बजे
- छात्र: करीब 2 लाख 84 हजार
- परीक्षा केंद्र: लगभग 2200
12वीं के छात्रों के लिए यह परीक्षा आगे की पढ़ाई और करियर की दिशा तय करने में बेहद अहम मानी जाती है।
छात्रों के लिए जरूरी सूचना
बोर्ड ने सभी छात्रों और स्कूलों को सलाह दी है कि डेट शीट, परीक्षा से जुड़े निर्देश और अन्य अपडेट केवल PSEB की आधिकारिक वेबसाइट से ही देखें। किसी भी बदलाव या सूचना की जानकारी वहीं जारी की जाएगी।
समय पर तैयारी का मौका
इस नई व्यवस्था से छात्रों को न सिर्फ बेहतर तैयारी का समय मिलेगा, बल्कि परीक्षा के बाद प्रवेश और नई कक्षा की पढ़ाई भी समय पर शुरू हो सकेगी। PSEB का यह कदम छात्रों के हित में अहम माना जा रहा है।
