पंजाब विधानसभा में रोजगार के मुद्दे पर हुई चर्चा के दौरान रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में 68 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। इसके साथ ही राज्य में बड़े निवेश को आकर्षित कर निजी क्षेत्र में भी लाखों रोजगार के अवसर तैयार किए गए हैं।
निवेश से बढ़े रोजगार के अवसर
अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि पंजाब में अब तक 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया गया है। उनका कहना था कि इस निवेश के कारण निजी क्षेत्र में सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से 6,36,636 रोजगार के अवसर बने हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रही है, जिससे नई कंपनियां पंजाब में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं।
जापानी कंपनी का दिया उदाहरण
मंत्री ने बताया कि जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील ने पहले पंजाब में 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई थी। लेकिन राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों और कारोबार करने में आसानी से प्रभावित होकर कंपनी ने अपने प्रस्तावित निवेश को बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया। उन्होंने कहा कि यह राज्य में उद्योगों के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत है।
विधानसभा में विपक्ष से तीखी बहस
चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया ने आरोप लगाया कि उनके शाहकोट क्षेत्र में किसी को सरकारी नौकरी नहीं मिली। इस पर अमन अरोड़ा ने उन्हें खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे शाहकोट में सार्वजनिक सभा करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि लोगों ने बताया कि नौकरियां नहीं मिलीं तो वह मंत्री और विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे, लेकिन यदि सरकार के दावे सही निकले तो विपक्षी विधायक को इस्तीफा देना होगा। मंत्री ने कहा कि सभी सरकारी नौकरियां केवल योग्यता के आधार पर दी गई हैं और इसमें न रिश्वत चली है और न ही किसी तरह की सिफारिश।
कौशल विकास पर सरकार का जोर
अमन अरोड़ा ने बताया कि राज्य सरकार कौशल विकास को भी प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 10 करोड़ रुपये थी। उनके अनुसार, प्लेसमेंट कैंपों और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए अब तक 22 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार संबंधी सहायता दी गई है। उन्होंने सुनाम में आयोजित मेगा रोजगार मेले का भी जिक्र किया, जहां 61 कंपनियों ने हिस्सा लिया और करीब 700 युवाओं को मौके पर ही नियुक्ति पत्र दिए गए।
सेना की तैयारी के लिए बनेगा विश्वस्तरीय संस्थान
मंत्री ने बताया कि संगरूर जिले में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अपनी तरह का विश्वस्तरीय संस्थान होगा, जहां हर साल करीब 500 युवाओं को सशस्त्र बलों में अधिकारी स्तर की भर्ती के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बेरोजगारी दर में कमी का दावा
अमन अरोड़ा ने केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 में 19.1 प्रतिशत थी, जो 2025 में घटकर 17 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण के अनुसार पंजाब अब बेहतर रोजगार प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो रहा है।
रोजगार के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर जोर
मंत्री ने कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार हर नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उनका कहना था कि सरकार का मुख्य दायित्व ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां उद्योग बढ़ें, निवेश आए और युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलें। उन्होंने विपक्ष की व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सबसे बड़ा प्रमाण जनता है, जो स्वयं बता सकती है कि उसे रोजगार मिला है या नहीं। साथ ही उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार के “हर घर नौकरी” वादे पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया अपनाकर हजारों युवाओं को बिना रिश्वत सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई हैं।
