मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और प्रशासनिक सुधारों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। वर्ष 2022 से अब तक राज्य को ₹1.74 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 5.89 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। सरकार का दावा है कि तेज़ और पारदर्शी व्यवस्था के कारण पंजाब देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है।
औद्योगिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए सरकार ने सभी आवश्यक मंजूरियां 5 से 45 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की है। वहीं राइट टू बिजनेस एक्ट 2.0 के तहत योग्य उद्योगों को केवल 5 से 18 दिनों में स्वयं-घोषणा के आधार पर इन-प्रिंसिपल स्वीकृति दी जा रही है। इस व्यवस्था से अब तक लगभग 2,000 उद्योगों को लाभ मिल चुका है।
हाल के महीनों में एचपीसीएल मित्तल एनर्जी (मल्लीवर्धमान स्टील्स, आईओएल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स, हैप्पी फोर्जिंग्स, वीरका बेवरेजेज, जोगिंद्रा ग्रुप, फोर्टिस हेल्थकेयर, एम्बर एंटरप्राइजेजऔर इन्फोसिस जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों ने पंजाब में बड़े निवेश की घोषणा की है। वहीं प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट-2026 ने भी निवेशकों का विश्वास और मजबूत किया।
व्यापार सुगमता के क्षेत्र में पंजाब को केंद्र सरकार ने बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान (BRAP)-2024 के तहत ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा दिया है। सरकार ने उद्योगों को राहत देते हुए स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क में बड़ी कटौती की है तथा 2,500 से अधिक सरकारी अनुपालनों को सरल, डिजिटल और तर्कसंगत बनाया है।
नई औद्योगिक नीति तैयार करने के लिए 24 सेक्टोरल समितियों का गठन किया गया और उद्योग जगत से व्यापक सुझाव लिए गए। इसके साथ ही एमएसएमई इकाइयों को एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, बिजली शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी में रियायतें दी जा रही हैं, जबकि लंबे समय से लंबित वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना भी लागू की गई है।
सरकार ने मोहाली में आधुनिक मल्टीपर्पज कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर विकसित करने की घोषणा भी की है, जिससे निवेश, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इन सुधारों के माध्यम से पंजाब को देश का सबसे निवेश-अनुकूल और औद्योगिक रूप से अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
