पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को राज्य के आढ़तियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब आढ़तियों का लाइसेंस 5 साल की बजाय 10 साल तक वैध रहेगा। इसके अलावा, नए लाइसेंस को सिर्फ 48 घंटे में जारी किया जाएगा। इस कदम से पंजाब के करीब 40,000 आढ़तियों को सीधे लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लाइसेंस फीस में किसी भी तरह की वृद्धि नहीं होगी। उनका कहना है कि यह फैसला राज्य के व्यापारिक वातावरण को आसान बनाने और आढ़तियों की सुविधा के लिए लिया गया है।
बकाया और जुर्माने का समाधान
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जिन दुकानों के बकाया और जुर्माने लंबे समय से अटके हुए हैं, उनके निपटारे के लिए वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू की जाएगी। इस स्कीम के तहत आढ़ती अपने पुराने बकाया और जुर्माने का निपटारा कर सकेंगे।
उन्होंने आढ़तियों को किसानों के ‘बिना तनख्वाह वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट’ करार देते हुए कहा कि आढ़ती किसानों के खरीदी प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा हैं और उनका काम राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
कमीशन बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया
मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि आढ़तियों के कमीशन बढ़ाने का मुद्दा पहले ही केंद्र सरकार के सामने रखा जा चुका है और राज्य सरकार इसे और भी सक्रियता से उठाएगी। उनका कहना था कि सरकार किसानों और आढ़तियों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
आढ़तियों को मिली राहत
इस नई व्यवस्था के तहत आढ़तियों को लाइसेंस जारी करने और नवीनीकरण की प्रक्रिया में आसानी होगी। नया लाइसेंस केवल 48 घंटे में प्राप्त करने की सुविधा से व्यापार में तेजी आएगी। इसके अलावा, वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम और फीस में कोई बदलाव न होने से आढ़तियों की आर्थिक स्थिति पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और आढ़तियों के हित में हर संभव कदम उठा रही है। उनका यह भी कहना था कि आढ़तियों के माध्यम से किसानों को उचित कीमत मिलती है और उनकी भूमिका कृषि क्षेत्र में बेहद अहम है।
इस निर्णय से पंजाब के कृषि व्यापार और आढ़तियों के कामकाज में सहजता आएगी और राज्य में कृषि संबंधी कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।
